LoC के पास जुटी 25 हजार की भीड़; PoK के लोग बोले- तारबंदी हटाओ, हमको भारत में मिलना है
प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के खिलाफ भी नारे लगाए गए।
PoK Protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में कई महीनों से चल रहा विरोध प्रदर्शन अब और तेज हो गया है। LoC के पास मंधोल इलाके में हजारों लोग इकट्ठा हुए और पाकिस्तान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस रैली में करीब 25 हजार लोग शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के खिलाफ भी नारे लगाए गए। पीओके के लोगों ने कहा कि वे भारत में मिलना चाहते हैं।
LoC हटाने की भी उठी मांग
मंधोल गांव LoC से करीब सात किलोमीटर की दूरी पर है। यहां हुई रैली में प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान सरकार से पुराने रास्ते खोलने की मांग की। खास तौर पर पुंछ और मेंढर को PoK से जोड़ने वाले रास्तों को फिर से खोलने की बात कही गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन रास्तों के खुलने से दोनों तरफ रहने वाले लोगों को आने-जाने और सामान लाने में आसानी होगी।
रैली में जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी से जुड़े नेता सरदार अमान खान ने लोगों के सामने LoC को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या नियंत्रण रेखा को खत्म करने और जम्मू-कश्मीर के दोनों हिस्सों के बीच पुराने रास्ते खोलने की मांग की जानी चाहिए। भीड़ ने इसके समर्थन में जवाब दिया। प्रदर्शनकारियों की एक बड़ी मांग यह भी रही कि PoK से भारत की तरफ जाने वाले पुराने रास्तों को खोला जाए। उनका कहना है कि लंबे समय से सीमा पर लगी पाबंदियों की वजह से स्थानीय लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आटा, खाने के अन्य सामान की किल्लत
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने पाकिस्तान सरकार और वहां की व्यवस्था पर कई आरोप लगाए। सरदार अमान खान ने दावा किया कि PoK के लोगों को जरूरी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने अस्पताल, स्कूल, रोजगार और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े मुद्दे भी उठाए।
प्रदर्शनकारियों की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि पिछले कुछ समय से PoK में जरूरी सामान की सप्लाई प्रभावित हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, अमान खान ने राशन की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इसका असर आम लोगों पर पड़ रहा है। सप्लाई काटे जाने से लोगों के पास आटा समेत खानी की दूसरी चीजों की किल्लत हो गई है।
चुनाव को लेकर भी उठाए सवाल
मंधोल की रैली में PoK में हुए चुनाव को लेकर भी सवाल उठाए गए। प्रदर्शन से जुड़े नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ इलाकों में चुनावी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने पाकिस्तान की सत्तारूढ़ व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। अमान खान ने दावा किया कि PoK की 45 सीटों में से कुछ सीटों पर मतदान नहीं हो सका था। उन्होंने पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की सरकार बनने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।
UN के बाहर भी PoK मुद्दा उठा
PoK में जारी विरोध का मुद्दा क्षेत्र के बाहर भी पहुंचा है। हाल ही में कश्मीरी प्रवासियों के एक समूह ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने PoK में कथित मानवाधिकार उल्लंघन, गिरफ्तारियों और हिंसा की जांच की मांग की। वहीं, भारत ने भी संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के PoK में मानवाधिकार और हिंसा से जुड़े मुद्दों को उठाया है। 26 सितंबर को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के UNGA भाषण के बाद भारत ने जवाब देते हुए PoK में हिंसा और वहां के लोगों के हालात का मुद्दा उठाया था।
फिलहाल मंधोल की रैली के बाद PoK में चल रहे आंदोलन ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा है। प्रदर्शनकारी LoC से जुड़े पुराने रास्ते खोलने, स्थानीय अधिकारों और पाकिस्तान के प्रशासन को लेकर अपनी मांगें लगातार उठा रहे हैं।





