दिल्ली पहुंचे रूसी राष्ट्रपति, पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात, BRICS समिट में होंगे शामिल
BRICS Summit 2026: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तीन दिवसीय भारत दौरे पर पहुंचे हैं। वह BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी अहम द्विपक्षीय बैठक भी होगी।
BRICS Summit 2026: 18वें ब्रिक्स समिट में भाग लेने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंच चुके हैं। शुक्रवार तड़के विशेष विमान से पुतिन दिल्ली के पालम एयरफोर्स स्टेशन पर पहुंचे। जहां भारत के विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका स्वागत किया। पुतिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता में सुखोई 57 और अपडेटेड ब्रह्मोस को लेकर डील होने की चर्चा है।
मोदी और पुतिन की मुलाकात क्यों है खास?
पीएम मोदी और पुतिन की यह मुलाकात शुक्रवार को तय है। मोदी-पुतिन की बातचीत में भारत के लिए Su-57 फाइटर जेट की संभावित खरीद पर डील हो सकती है। भारत लंबे समय से रूस के इस पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान में रुचि दिखाता रहा है। इसके अलावा S-400 की बाकी खेप और एडवांस ब्रह्मोस-NG जैसे रक्षा सहयोग के मुद्दों पर भी चर्चा संभव है। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन की बैठक में व्यापार, उद्योग, परमाणु ऊर्जा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
ब्रिक्स सम्मेलन में इन मुद्दों पर रहेगा फोकस
भारत की मेजबानी में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य, आपदा जोखिम कम करने और जरूरी आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। भारत का लक्ष्य मौजूदा भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच ब्रिक्स को एक प्रभावी और मजबूत मंच के रूप में स्थापित करना है।
यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों से गुजर रही है। इनमें रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया का संकट, होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की व्यापार एवं शुल्क नीतियों का असर शामिल है।
इन देशों के नेता होंगे शामिल
भारत की मेजबानी में 12 और 13 सितंबर को होने वाले सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान समेत कई प्रमुख नेताओं के पहुंचने की संभावना है।
इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के अलावा थाईलैंड के प्रधानमंत्री भी सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं। फिलीपींस के राष्ट्रपति, वियतनाम के प्रधानमंत्री, मलेशिया के प्रधानमंत्री और मिस्र के राष्ट्रपति के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा उज्बेकिस्तान और नाइजीरिया की भागीदारी भी प्रस्तावित सूची में शामिल है। यूएई की ओर से अबू धाबी के क्राउन प्रिंस और सऊदी अरब और बहरीन के विदेश मंत्रियों के शामिल होने की संभावना बताई जा रही है। ब्राजील और क्यूबा की ओर से भी वरिष्ठ स्तर के प्रतिनिधियों के सम्मेलन में पहुंचने की उम्मीद है।







