शिक्षकों को बड़ी राहत, ई अटेंडेंस नहीं लगाने पर अब नहीं कटेगी सैलरी, जारी हुआ आदेश
MP Teachers News: मध्य प्रदेश के लाखों शिक्षकों को ई-अटेंडेंस को लेकर बड़ी राहत मिली है। अब केवल ई-अटेंडेंस नहीं लगने के कारण वेतन नहीं रोका जाएगा।
MP Teachers News: मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत लाखों शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस को लेकर बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब केवल ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं हो पाने के आधार पर किसी शिक्षक का वेतन रोकने की कार्रवाई नहीं की जाएगी। तकनीकी या अन्य कारणों से अटेंडेंस दर्ज नहीं होने की स्थिति में संबंधित शिक्षक की उपस्थिति का परीक्षण किया जाएगा और केवल ई-अटेंडेंस मिस होने के आधार पर वेतन नहीं रोका जाएगा।
ई-अटेंडेंस के कारण रुकी सैलरी जारी करने के निर्देश
विभाग की ओर से यह भी निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी शिक्षक का वेतन पहले ही ई-अटेंडेंस के कारण रोक दिया गया है, तो मामले की जांच कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए वेतन जारी किया जाए।
साथ ही अधिकारियों से कहा गया है कि यदि किसी कर्मचारी का वेतन किसी अन्य कारण से रोका गया है, तो उसका स्पष्ट कारण भी बताया जाए। यानी सिर्फ ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं होने को वेतन रोकने का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए।
DPI आयुक्त की बैठक के बाद जिला स्तर पर आदेश
ई-अटेंडेंस को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के आयुक्त की बैठक में अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए थे। इसके बाद इन्हीं निर्देशों के आधार पर जिला स्तर पर आदेश जारी किए गए हैं।
विभाग का उद्देश्य ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लागू रखना है, लेकिन तकनीकी समस्या या अन्य वास्तविक कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाने पर शिक्षकों को सीधे वेतन कटौती का सामना न करना पड़े, इसका भी ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश में 98 से 99 फीसदी तक पहुंची ई-अटेंडेंस
मध्य प्रदेश में ई-अटेंडेंस की स्थिति में भी लगातार सुधार हुआ है। प्रदेश में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस करीब 98 से 99 फीसदी तक पहुंच गई है। ऐसे में विभाग का फोकस अब शेष मामलों में वास्तविक कारणों की पहचान करने और व्यवस्था को बेहतर बनाने पर है।
ई-अटेंडेंस नहीं लगी तो संकुल प्राचार्य करेंगे फैसला
यदि किसी शिक्षक की ई-अटेंडेंस किसी कारण से दर्ज नहीं हो पाती है, तो संबंधित मामले में संकुल प्राचार्य स्थिति के आधार पर फैसला लेंगे। शिक्षक की वास्तविक उपस्थिति और उपलब्ध रिकॉर्ड को ध्यान में रखते हुए मामले का परीक्षण किया जाएगा।
शिक्षक संगठन लगातार उठा रहे थे वेतन कटौती का मुद्दा
ई-अटेंडेंस को लेकर शिक्षकों और विभाग के बीच लंबे समय से चर्चा चल रही थी। शिक्षक संगठनों ने ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं होने के कारण वेतन रोके जाने या कटौती किए जाने को लेकर लगातार आपत्ति जताई थी। जुलाई में शिक्षक संगठनों ने इस मुद्दे को लेकर अधिकारियों से मुलाकात कर समस्या के समाधान की मांग भी की थी।
अब नए निर्देशों के बाद शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि ई-अटेंडेंस व्यवस्था का पालन करना जारी रहेगा और उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया को लेकर विभाग की निगरानी भी बनी रहेगी।



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