'खड़े हनुमान जी' को लेकर सियासत तेज! BJP विधायक बोले- सड़क पर्याप्त चौड़ी, राजसी सवारी से भी दिक्कत नहीं
बीजेपी विधायक ने पिछले सोमवार की राजसी सवारी का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें करीब 8 से 10 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे, लेकिन यातायात या व्यवस्था में कोई बड़ी परेशानी नहीं हुई। ऐसे में मंदिर हटाने की जरूरत नहीं है।

MP News: उज्जैन में खड़े हनुमान मंदिर को हटाने को लेकर चल रहा मामला अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। शुक्रवार को भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय मंदिर पहुंचे और हनुमानजी के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने मंदिर को यथास्थान रखने की पैरवी की। मालवीय ने कहा कि जनभावना बाबा को यथास्थान रखने की है और सड़क पहले ही पर्याप्त चौड़ी हो चुकी है। ऐसे में मंदिर हटाने का कोई कारण नजर नहीं आता।
मालवीय ने कहा कि वे बाबा के नियमित दर्शनार्थी हैं। उन्होंने उज्जैन और मध्य प्रदेश की समृद्धि व विकास की प्रार्थना की। मंदिर की प्राचीनता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उज्जैन सांस्कृतिक और धार्मिक नगरी है, जहां हजारों साल पुराने मंदिर मौजूद हैं।
'राजसी सवारी में पहुंचे थे 10 लाख श्रद्धालु'
बीजेपी विधायक ने पिछले सोमवार की राजसी सवारी का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें करीब 8 से 10 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे, लेकिन यातायात या व्यवस्था में कोई बड़ी परेशानी नहीं हुई। ऐसे में मंदिर हटाने की जरूरत नहीं है। मालवीय ने कहा कि मामला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संज्ञान में है और उम्मीद है कि जनभावना के अनुरूप निर्णय लिया जाएगा।
उमा भारती भी CM को लिख चुकी हैं पत्र
इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर खड़े हनुमान मंदिर के मामले में समाधान निकालने की बात कही थी। उन्होंने भोपाल में सड़क चौड़ीकरण के दौरान कमलापति पार्क के आगे मस्जिद को यथावत रखते हुए रोड का प्लान बदले जाने का उदाहरण दिया था।
उमा भारती ने कहा था कि विकास और आस्था को साथ लेकर चलना चाहिए। इसी तरह उज्जैन में भी ऐसा समाधान निकाला जा सकता है, जिससे मंदिर को यथास्थान रखते हुए विकास कार्य आगे बढ़ सके।
मंदिर-मस्जिद को एक तराजू पर न तौलें
मीडिया ने मालवीय से उज्जैन की शाही मस्जिद को लेकर हाईकोर्ट के फैसले और मंदिर-मस्जिद को लेकर सवाल किया। इस पर उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के निर्णय का सभी को स्वागत करना चाहिए। उन्होंने मंदिर और मस्जिद को एक ही तराजू पर तौलने को उचित नहीं बताया। मालवीय ने कहा कि शाही मस्जिद के मामले में हाईकोर्ट का निर्णय आया है और वहां करीब 15 फीट हिस्से का सवाल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुस्लिम पक्ष भी हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत कर विकास में सहयोग करेगा।
विधायक चिंतामणि मालवीय के बयान के बाद खड़े हनुमान मंदिर का मुद्दा अब प्रशासनिक कार्रवाई से आगे बढ़कर आस्था, विकास और राजनीतिक दखल का मुद्दा बनता नजर आ रहा है।

