Nepal Flood: नेपाल में बाढ़ का कहर! 273 मौतें, 300 भारतीय लापता! भारत में कहां-कितना असर ?
Nepal Flood: नेपाल में बाढ़ के कारण आई तबाही के बीच 273 लोगों की मौत हो गई। सैकड़ों लोग लापता हैं। यहां बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य जारी हैं।

Nepal Flood: नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह आई अचानक बाढ़ में मरने वालों का आंकड़ा 273 पहुंच गया है। इनमें नेपाल में 270 और तिब्बत में 3 लोगों की जान गई है। वहीं, करीब 1,500 लोग अब भी लापता हैं।बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
लैंडस्लाइड से 5.2 तीव्रता के भूकंप जितना झटका
बुधवार सुबह 8:37 बजे नेपाल-चीन सीमा के पास, काठमांडू के उत्तर में तेज झटके महसूस किए गए। शुरुआत में अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इसे 4.4 तीव्रता का भूकंप बताया था। इसी दौरान पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा बर्फ और चट्टानों के साथ टूटकर नीचे गिरा और ल्हेंदे खोला नदी में जा गिरा। यह नदी भोटेकोशी नदी की सहायक नदी है, जो चीन से निकलकर गहरी घाटियों से होते हुए नेपाल में प्रवेश करती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि पहाड़ से ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिरा हो सकता है। हालांकि, इस घटना की असली वजह का पता लगाने में अभी कई हफ्ते लग सकते हैं।
USGS ने साफ किया कि यह भूकंप नहीं
USGS ने साफ किया कि यह भूकंप नहीं था। दरअसल, पहाड़ से हुआ लैंडस्लाइड इतना शक्तिशाली था कि उससे 5.2 तीव्रता के भूकंप के बराबर झटका पैदा हुआ। यानी पहले भूकंप नहीं आया था, बल्कि लैंडस्लाइड की वजह से भूकंप जैसा झटका महसूस हुआ था।
नेपाल में आई बाढ़ में 300 भारतीय लापता
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ में 300 से ज्यादा भारतीय नगारिक लापता हैं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने गुरुवार को यह जानकारी दी। यहां अब तक 165 मौतों की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, सैकड़ों लोग लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
तिब्बत में 500 से ज्यादा लोग लापता
चीन के सरकारी मीडिया का कहना है कि तिब्बत में बाढ़ के बाद 558 लोग लापता हैं, जबकि नेपाल में भी सैकड़ों लोग लापता हैं। बाढ़ की शुरुआत तिब्बत से ही हुई थी। इसका मलबा और पानी बहकर नेपाल आया और जमकर तबाही मचाई।
आज 21 भारतीयों का रेस्क्यू, 95 नेपाली भी बचाए गए
नेपाली सेना ने रसुवा के टिमुरे से 116 लोगों को सुरक्षित निकाला है। इनमें 95 नेपाली और 21 भारतीय नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा एक सुरंग में फंसे 7 नेपाली नागरिकों को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।|
भारत में कहां-कितना असर होगा
भारत में इसका असर मुख्य रूप से बिहार की गंडक नदी और उससे जुड़ी छोटी-बड़ी नदियों में दिखने की आशंका है। नेपाल से करीब 3 मीटर ऊंची फ्लड वेव आने का अलर्ट है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में खास सतर्कता बरती जा रही है। सीतामढ़ी और शिवहर पर भी नजर है। नेपाल का पानी त्रिशूली नदी से होते हुए गंडक तक पहुंचेगा। इसके बाद बिहार के निचले इलाकों में पानी बढ़ सकता है। यूपी के महाराजगंज और कुशीनगर में भी अलर्ट जारी किया गया है।
नेपाल में बाढ़ से तबाही के बीच भारत ने भेजी 10 टन मदद
भारत ने नेपाल में रसुवा बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए 10 टन मानवीय सहायता और जरूरी दवाइयां भेजी हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने फेसबुक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह सहायता बाढ़ प्रभावित इलाकों में नेपाल के राहत कार्यों में मदद के लिए भेजी गई है। भारत ने इस आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना भी जताई और प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की। जयशंकर ने कहा कि इस मुश्किल समय में भारत नेपाल और नेपाली लोगों के साथ खड़ा है।
चीन में भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन शुरू की
चीन में भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी कर तिब्बत-नेपाल बॉर्डर के इलाकों में अचानक आई बाढ़ में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए मदद पाने के लिए संपर्क करने की जानकारी दी। तिब्बत से शुरू हुई जबरदस्त बाढ़ ने मध्य नेपाल में कई कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया, जरूरी पुल बहा दिए और एक दर्जन हाइड्रोपावर प्रोजेक्टों को ठप कर दिया। दूतावास ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों में हाल ही में आई बाढ़ को देखते हुए, आस-पास फंसे भारतीय नागरिक इन संपर्क बिंदुओं से मदद ले सकते हैं।" इसमें कहा गया है कि भारतीय नागरिक मौके पर मौजूद चीनी अधिकारियों से 0086 139 8999 0012 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। मिशन ने बताया कि वे बीजिंग में भारतीय दूतावास से 0086 185 1428 4905 नंबर पर और वाट्सऐप के जरिए और काठमांडू में भारतीय दूतावास से +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 नंबरों पर (इन दोनों पर WhatsApp के जरिए भी) संपर्क कर सकते हैं।
चीन बोला- हमने कोई जानकारी नहीं छिपाई
बाढ़ और भूस्खलन के बाद आरोप लग रहे थे कि चीन ने नेपाल को सही समय पर चेतावनी नहीं दी जिसकी वजह से वहां जान-माल का बहुत नुकसान हुआ। इसे लेकर अब चीन की सफाई आई है। चीन ने कहा कि ये दावे भ्रामक और गलत हैं। नेपाल में चीनी दूतावास ने कहा कि चीन ने कोई जानकारी नहीं छिपाई। बाढ़ के लिए चीन की ओर से चेतावनी न मिलने या बांध टूटने को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है।
राष्ट्रपति पौडेल ने PM बालेन से कहा- रेस्क्यू में पूरी ताकत लगाएं
नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने प्रधानमंत्री बालेन शाह से रसुवा में भोटेकोशी बाढ़ से प्रभावित लोगों की तलाश, बचाव और राहत के लिए सरकार की पूरी मशीनरी लगाने को कहा है। राष्ट्रपति ने बुधवार शाम प्रधानमंत्री से फोन पर बात कर बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने सरकार से रेस्क्यू और राहत अभियान और तेज करने की अपील की। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री बालेन शाह ने राष्ट्रपति को बाढ़ से हुए जान-माल के नुकसान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रभावित लोगों के बचाव, इलाज और राहत के लिए सभी सुरक्षा और प्रशासनिक एजेंसियों को लगाया गया है और सरकार हर संभव कोशिश कर रही है।