Russia Ukraine War: यूक्रेन-रूस वॉर खत्म करने में मदद को भारत तैयार, जयशंकर ने रखा मध्यस्थता का प्रस्ताव
Russia Ukraine War: फरवरी 2022 से जारी रूस और यूक्रेन के बीच जारी अनिश्चित युद्ध को खत्म करने में मदद करने की पेशकश भारत की तरफ से की गई है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कीव यात्रा के दौरान यह बयान दिया है.

Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच फरवरी 2022 से जारी युद्ध ने दुनिया की कूटनीति के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक खड़ी कर दी है। अब इस संघर्ष को खत्म करने की कोशिशों के बीच भारत ने एक बार फिर शांति स्थापित करने में मदद की पेशकश की है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूक्रेन की राजधानी कीव में कहा कि अगर भारत किसी भी तरह से युद्ध समाप्त कराने में मदद कर सकता है तो वह इसके लिए तैयार है।
जयशंकर ने यूक्रेन से क्या कहा?
यूक्रेनी विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ मौजूद जयशंकर ने कहा, "अगर भारत किसी भी तरह से मदद कर सकता है, तो हम इसके लिए तैयार हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि दोनों मंत्रियों के बीच ब्लैक सी (काला सागर) में कमर्शियल शिपिंग पर हो रहे हमलों के बारे में भी बातचीत हुई। विदेश मंत्री जयशंकर अभी यूक्रेन के दौरे पर हैं। इस दौरान, विदेश मंत्रालय ने बताया कि वह अपने यूक्रेनी समकक्ष एंड्री सिबिहा और पोलैंड के उप-प्रधानमंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे।
3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड दौरे पर जयशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड की आधिकारिक यात्रा पर हैं। यूक्रेन के बाद वे पोलैंड जाएंगे, जहां उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की से द्विपक्षीय बातचीत करेंगे।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस यात्रा का मकसद दोनों देशों के साथ भारत के रिश्तों को और मजबूत करना है। इस दौरान क्षेत्रीय हालात और आपसी हितों से जुड़े दूसरे अहम मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
यूक्रेन के विदेश मंत्री ने PM मोदी की अपील का किया स्वागत
यूक्रेन के विदेश मंत्री सिबिहा ने भारत के विदेश मंत्री की यात्रा को लेकर कहा कि यूक्रेन की यात्रा पर आने वाले पहले भारतीय विदेश मंत्री के तौर पर अपने भारतीय सहयोगी का कीव में स्वागत करना मेरे लिए सम्मान की बात है. यह ऐतिहासिक पल ऐसे समय में आया है, जब हमारे शहरों, बंदरगाह के बुनियादी ढांचे और नागरिक जहाजों पर रूस के हमले बढ़ रहे हैं. हमारी राजधानी लगातार हमलों का सामना कर रही है. मैं अपने सहयोगी की इस सहासी यात्रा की सराहना करता हूं.
