'परमाणु ऊर्जा ईरान का हक है', UNGA में ईरानी राष्ट्रपति ने ट्रंप पर किया पलटवार, कहा- मासूमों की जान ले ली
UNGA में यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भाषण के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल के ज्यादातर सदस्य भी सभागार से बाहर चले गए थे।
Iran's President Addresses At UN: संयुक्त राष्ट्र महासभा में बुधवार को ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव एक बार फिर खुलकर सामने आया। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन जब महासभा को संबोधित कर रहे थे, उसी दौरान अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के सदस्य सभागार से बाहर निकल गए। पेजेश्कियन ने अपने भाषण में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के आतंकी बताने वाले बयान पर पलटवार किया। पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान को आतंकी बताना गलत है। उन्होंने ईरानी बच्चों की तस्वीर हाथ में लेते हुए कहा, 'अमेरिका और इजरायल ने मिलकर मासूमों की जान ले ली। अमेरिकी राष्ट्रपति हमको आतंकवादी बताते हैं, लेकिन हम खुद आतंक का शिकार हैं। परमाणु ऊर्जा ईरान का हक है।'
'देश की सुरक्षा के लिए पीछे नहीं हटेंगे'
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि उनका देश अपनी रक्षा करने के लिए तैयार है और वह अपने देश की सुरक्षा के लिए पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान बातचीत की मेज पर लौटने के रास्ते को बंद नहीं कर रहा है, लेकिन उसके अधिकारों को खत्म करने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी।
परमाणु कार्यक्रम पर भी रखी बात
पेजेश्कियन ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी अपनी स्थिति दोहराई। उन्होंने कहा कि उनका देश परमाणु हथियार नहीं चाहता, लेकिन शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु तकनीक के इस्तेमाल के अधिकार को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान की नीति परमाणु ऊर्जा और तकनीक के शांतिपूर्ण इस्तेमाल पर केंद्रित है। देश पर किसी तरह की ऐसी पाबंदी स्वीकार नहीं होगी, जिससे उसके शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम का अधिकार खत्म हो जाए।
ईरानी डेलिगेशन ने भी किया था वॉकआउट
UNGA में यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भाषण के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल के ज्यादातर सदस्य भी सभागार से बाहर चले गए थे।
ट्रंप ने अपने संबोधन में ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का बचाव किया था। उन्होंने ईरान से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने और बातचीत की मेज पर लौटने की अपील की थी। ट्रंप ने यह भी कहा था कि अमेरिका के सामने ईरान को लेकर बड़ा फैसला लेने का समय है।
अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच हुई बातचीत
हालांकि इसी बीच अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच UNGA के दौरान अप्रत्यक्ष बातचीत भी हुई। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने ईरानी पक्ष के अधिकारियों के साथ करीब तीन घंटे बातचीत की। उन्होंने बैठक को अच्छा बताया, जबकि बातचीत की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
इस तरह UN महासभा में एक तरफ दोनों देशों के प्रतिनिधियों का विरोध और तीखे बयान देखने को मिले, वहीं दूसरी तरफ पर्दे के पीछे बातचीत के रास्ते भी खुले हुए हैं। आने वाले दिनों में इन संपर्कों का ईरान-अमेरिका तनाव पर क्या असर पड़ता है, इस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर रहेगी।






