‘हम किसी के खिलाफ नहीं’, BRICS समिट के संबोधन में बोले पीएम मोदी
पीएम मोदी ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत कर दी है। उन्होंने कहा कि हम किसी के विरुद्ध नहीं है। हम सभी को साथ लेकर चलने का प्रयास करते हैं।
BRICS Summit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधिकारिक तौर पर ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के शुरू होने की घोषणा की। पीएम मोदी ने ब्रिक्स समिट को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रिक्स समिट में आपका स्वागत और अभिनन्द करते हुए अत्यंत ख़ुशी हो रही है। योगदान और समर्थन के लिया आप सभी का आभार। हम किसी के विरुद्ध नहीं है, हम सभी को साथ लेकर चलने का प्रयास करते हैं। BRICS की अध्यक्षता के दौरान भारत का दृष्टिकोण लोगों पर केंद्रित और मानवता को प्राथमिकता देने वाला रहा है। पीएम मोदी ने समिट में 10 प्रस्ताव रखे
‘BRICS के अगले 20 साल का नया एजेंडा बनाएं’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि BRICS को अगले 20 साल के लिए नया और बड़ा एजेंडा तैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर साल BRICS की अध्यक्षता बदलती है, लेकिन इससे संगठन के काम की गति नहीं रुकनी चाहिए। मोदी ने BRICS में कामकाज को जारी रखने और फैसलों पर अमल की निगरानी के लिए एक स्थायी व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव दिया। इसके जरिए अलग-अलग देशों की अध्यक्षता बदलने के बाद भी पुराने फैसलों पर काम जारी रखा जा सकेगा।
उन्होंने एक सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड बनाने का भी सुझाव दिया। इसमें हर फैसले की जिम्मेदारी किसकी है, उसे कब तक पूरा करना है और उस पर कितना काम हुआ है, इसकी जानकारी दर्ज होगी।
‘ग्लोबल साउथ सिर्फ नियम माने नहीं, नियम बनाए’
मोदी ने कहा कि दुनिया के भविष्य के नियम तय करने में हर देश की बराबर भागीदारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ के देशों को सिर्फ दूसरे देशों के बनाए नियम मानने वाला नहीं, बल्कि नियम बनाने वाला बनना होगा। पीएम ने कहा कि नई तकनीकें आने वाले समय को बदल रही हैं। इन क्षेत्रों में कौन से नियम होंगे, यह भी आने वाले समय में तय होगा। इसलिए ग्लोबल साउथ की इन चर्चाओं में बराबर की भागीदारी जरूरी है।
मजबूती, इनोवेशन, सहयोग हमारी प्राथमिकताएं
पीएम मोदी ने कहा है कि मजबूती, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी हमारी प्राथमिकताएं रही हैं। इन प्राथमिकताओं के साथ-साथ, हमने BRICS के सहयोग को आम लोगों से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया है। इसी सोच के साथ 350 से ज़्यादा बैठकें आयोजित की गईं। हमें लगभग 30 शहरों में आपकी टीमों का स्वागत करने का मौका मिला। भारत की BRICS अध्यक्षता को सफल बनाने में आप सभी के सक्रिय योगदान और सहयोग के लिए मैं आपका तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं। पिछले 20 वर्षों में ब्रिक्स ने विश्व मंच पर अपनी पहचान बनाई है।
ब्रिक्स में पीएम मोदी ने उठाया नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स समिट में नाविकों की सुरक्षा का भी मुद्दा उठाया और कहा कि नाविक ग्लोबल ट्रेड में बहुत बड़ा योगदान देते हैं, फिर भी मुश्किल समय में उन्हें अक्सर सपोर्ट की कमी महसूस होती है। मेरा सुझाव है कि हम एक नाविकों का इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क बनाएं। यह संबंधित देशों के समुद्री अधिकारियों और डिप्लोमैटिक मिशनों को जोड़ेगा, जिससे संकट की चेतावनी, मेडिकल मदद, परिवार को जानकारी देने और लोगों को निकालने में मदद मिलेगी।







