सड़क पर तड़प रहा था घायल, DIG ने जान बचाने के लिए अपनी गाड़ी से अस्पताल भेजा, खुद बुलेट पर लिफ्ट मांगकर ऑफिस गए
रतलाम जिला प्रशासन की वेबसाइट पर भी आपात स्थिति में एंबुलेंस के लिए 102 और 108 नंबर उपलब्ध कराए गए हैं।
MP News: रतलाम में डीआईजी निमिष अग्रवाल में संवेदनशीलता देखने को मिली। रतलाम रेंज के डीआईजी निमिष अग्रवाल ने सड़क हादसे में घायल पड़े एक व्यक्ति को देखकर अपनी गाड़ी रोक दी। घायल की स्थिति को समझते हुए उन्होंने एंबुलेंस का इंतजार नहीं किया और खुद की गाड़ी से उसे अस्पताल पहुंचाया। वहीं खुद बुलेट से ऑफिस पहुंचे। पूरी घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी सामने आई हैं। जहां लोग डीआईजी की तारीफ कर रहे हैं।
हादसा देखकर तत्काल रोकी गाड़ी
जानकारी के मुताबिक, डीआईजी निमिष अग्रवाल जावरा की ओर से रतलाम आ रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उन्हें सड़क हादसे में घायल व्यक्ति दिखाई दिया। घायल की हालत को देखते हुए उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवा दी। जानकारी के मुताबिक हादसे में भेरूलाल नाम का व्यक्ति घायल हुआ था। डीआईजी ने मौके पर मौजूद लोगों से स्थिति की जानकारी ली और घायल को जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की पहल की। सोशल मीडिया पर सामने आए विवरणों के मुताबिक, घायल को उनकी सरकारी कार से अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गई।
खुद लिफ्ट मांगकर ऑफिस गए DIG
घायल को अस्पताल पहुंचाने के लिए सरकारी वाहन उपलब्ध कराने के बाद डीआईजी ने अपनी गाड़ी का इंतजार नहीं किया। उन्होंने रास्ते में एक व्यक्ति से बुलेट बाइक पर लिफ्ट ली और उसी से अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा इस तरह बिना औपचारिकता के घायल की मदद करने की तस्वीर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई।
पुलिस अधिकारी का यह व्यवहार सड़क हादसों के दौरान तत्काल मदद की जरूरत को भी सामने लाता है। दुर्घटना के बाद शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। समय पर अस्पताल पहुंचने और इलाज शुरू होने से गंभीर स्थिति में घायल व्यक्ति की जान बचाने की संभावना बढ़ सकती है।
रतलाम में सड़क हादसे लगातार चिंता का विषय
डीआईजी की यह पहल ऐसे समय सामने आई है, जब रतलाम जिले में सड़क दुर्घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 के पहले सात महीनों में रतलाम जिले में सड़क हादसों में 171 लोगों की मौत हुई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 133 मृतकों की तुलना में अधिक है। हाल के दिनों में भी जिले में सड़क हादसों की कई घटनाएं सामने आई हैं। सितंबर की शुरुआत में महू-नीमच फोरलेन पर एक स्लीपर बस दुर्घटनाग्रस्त होने से 28 यात्री घायल हुए थे।
ऐसे में डीआईजी निमिष अग्रवाल की पहल केवल एक मानवीय घटना के तौर पर नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटना के बाद घायलों को तुरंत सहायता देने के संदेश के रूप में भी देखी जा रही है। रतलाम जिला प्रशासन की वेबसाइट पर भी आपात स्थिति में एंबुलेंस के लिए 102 और 108 नंबर उपलब्ध कराए गए हैं।


