इंदौर में पार्षद जीतू यादव की MIC में वापसी, विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग का मिला प्रभार
इंदौर के पार्षद कमलेश कालरा से विवाद के बाद पार्टी से निष्कासन और MIC से हटाए गए जीतू यादव की अब पूरी तरह वापसी हो गई है।
Jitu Yadav MIC Return: मध्य प्रदेश के इंदौर में राजनीतिक गलियारों से बड़ी खबर सामने आई है। विवादों के चलते पार्टी से निष्कासित हुए पार्षद जीतू यादव की एक बार फिर मेयर इन काउंसिल (MIC) में वापसी हो गई है। उन्हें दोबारा विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग का प्रभार सौंप दिया गया है। विदेश दौरे पर रवाना होने से ठीक पहले महापौर ने इस संबंध में आदेश जारी किया।
क्यों निष्कासित हुए थे जीतू यादव
जनवरी 2025 में बीजेपी के वार्ड 65 के पार्षद कमलेश कालरा के घर पर जीतू यादव के समर्थकों ने हमला कर कमलेश कालरा के बेटे को नग्न कर वीडियो वायरल कर दिया था। जिसके बाद जूनी इंदौर थाने में एफआईआर दर्ज हुई और जीतू यादव को बीजेपी ने 6 साल के लिए बाहर कर दिया था। जिससे उनका एमआईसी पद भी छिन गया था।
कुछ दिन पहले ही वापसी, अब प्रभार भी
कुछ दिन पहले ही विधायक रमेश मेंदोला, विधायक गोलू शुक्ला और भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा की पहल पर जीतू यादव की पार्टी में घर वापसी कराई गई थी। पार्टी में वापसी के बाद अब उन्हें उनका पुराना एमआईसी प्रभार भी वापस मिल गया है, जिसके बाद उनके समर्थकों में खुशी की लहर है।
बिजली और यांत्रिकी विभाग का मिला प्रभार
महापौर पुष्यमित्र भार्गव के आदेश के मुताबिक मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 37 के तहत जितेन्द्र कुमार (जीतू यादव) को मेयर-इन-काउंसिल का सदस्य नियुक्त किया गया है। MIC सदस्य निरंजनसिंह (गुड्डू) चौहान को सौंपे गए विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग के प्रभार से मुक्त किया जाता है।



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