मैहर कलेक्टर ने ली बच्चों की क्लास, सामान्य सवालों का भी नहीं दे सके जवाब; लापरवाही पर प्रिंसिपल-टीचर को थमाया नोटिस
कलेक्टर ने गुरसरी के आंगनवाड़ी केंद्र पहुंचकर वहां बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं और सरकारी योजनाओं की स्थिति भी देखी। संबंधित कर्मचारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के बाद योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
MP News: मैहर कलेक्टर का एक अलग अंदाज देखने को मिला। कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत गुरसरी क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान वे खुद ही टीचर बनकर बच्चों से संवाद किया। कलेक्टर ने 10वीं क्लास के बच्चों से कई सामान्य सवाल किए। इस दौरान कई बच्चे सवालों का जवाब नहीं दे पाए। कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने बच्चों को पढ़ाई के साथ ही अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया।
कलेक्टर से चर्चा के बाद स्टूडेंट्स उत्साहित दिखे
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुरसरी में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर सीधे 10वीं की कक्षा में पहुंचीं। यहां उन्होंने विद्यार्थियों से केवल औपचारिक बातचीत नहीं की, बल्कि शिक्षक की भूमिका में उनसे अलग-अलग विषयों पर सवाल-जवाब भी किए। उर्वरक, संविधान और बायोलॉजिकल सेल जैसे विषयों पर चर्चा कर उन्होंने छात्रों की विषय संबंधी समझ को जानने की कोशिश की।
कलेक्टर के साथ सीधे संवाद से विद्यार्थी भी उत्साहित दिखाई दिए। उन्होंने छात्रों से नियमित पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर रहने की बात कही। साथ ही उन्होंने बच्चों को प्रशासनिक सेवा के अलावा डॉक्टर, इंजीनियर, पुलिस अधिकारी और खेल जैसे क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
प्रिंसिपल-टीचर को कारण बताओ नोटिस
कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने निरीक्षण के दौरान केवल कक्षा की गतिविधियों तक अपना दौरा सीमित नहीं रखा। उन्होंने विद्यार्थियों की उपस्थिति, शैक्षणिक गतिविधियों, स्कूल परिसर और उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने को लेकर संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही सामने आने पर प्राचार्य ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह और राजनीति शास्त्र के शिक्षक राम प्रकाश तिवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राशन दुकान में स्टॉक और वितरण भी देखा
गुरसरी दौरे के दौरान कलेक्टर ने सरकारी उचित मूल्य की दुकान का भी निरीक्षण किया। उन्होंने राशन के स्टॉक, वितरण व्यवस्था और पात्र हितग्राहियों को मिल रहे खाद्यान्न की जानकारी ली। दुकान पर गेहूं और चावल की गुणवत्ता की जांच के साथ वहां मौजूद लोगों से भी राशन वितरण को लेकर बातचीत की गई।
जानकारी के मुताबिक, दुकान से जुड़े कुल 516 हितग्राहियों में से निरीक्षण की तारीख तक 400 लोगों को राशन वितरित किया जा चुका था। कलेक्टर ने पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से समय पर देने के निर्देश दिए।
आंगनवाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण
कलेक्टर ने गुरसरी के आंगनवाड़ी केंद्र पहुंचकर वहां बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं और सरकारी योजनाओं की स्थिति भी देखी। संबंधित कर्मचारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के बाद योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
मैहर कलेक्टर का यह दौरा एक तरफ सरकारी स्कूल में शिक्षा व्यवस्था की जमीनी स्थिति जानने पर केंद्रित रहा, वहीं कक्षा में सीधे छात्रों से बातचीत ने निरीक्षण को अलग रूप दिया। इससे पहले भी मध्य प्रदेश के कई जिलों में अधिकारियों द्वारा स्कूलों में जाकर बच्चों के साथ संवाद और शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा पर जोर दिया जा रहा है। खरगोन में भी कलेक्टर गुरुप्रसाद द्वारा सरकारी स्कूलों की सुविधाओं और डिजिटल शिक्षा को लेकर नए प्रयोग किए जा रहे हैं।



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