भारत के पास 190 परमाणु हथियार, अमेरिकी रिपोर्ट में दावा- कुछ सालों में ही 225 पहुंच जाएगी संख्या
नई रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब दुनिया की परमाणु शक्तियां अपने हथियारों को कम करने के बजाय उन्हें आधुनिक बनाने पर ज्यादा जोर दे रही हैं। SIPRI के अनुसार जनवरी 2026 में दुनिया के नौ परमाणु-सशस्त्र देशों के पास कुल मिलाकर करीब 12,187 परमाणु वारहेड थे। इनमें लगभग 9,745 सैन्य भंडार में थे।
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India's Nuclear Weapons: भारत के पास मौजूदा समय में 190 परमाणु हथियार हैं। अगले कुछ सालों में ही परमाणु हथियारों की संख्या 225 पहुंच जाएगी। ये दावा अमेरिकी थिंक टैंक फेडरेशन ऑफ अमेरिका साइंटिस्ट्स की एक रिपोर्ट में किया गया है। अमेरिकी रिपोर्ट में बताया गया है कि आने वाले कुछ सालों में भारत अपनी परमाणु शक्ति को और बढ़ाएगा। भारत के पास 35 हथियार बनाने के लिए प्लूटेनियम है। हालांकि भारत की तरफ से इसको लेकर ना तो कोई जानकारी दी गई है, और ना ही कोई प्रतिक्रिया दी गई है।
प्लूटोनियम भंडार से बढ़ सकती है क्षमता
रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने अब तक जितना सैन्य उपयोग वाला प्लूटोनियम तैयार किया है, वह संभावित रूप से 140 से 225 परमाणु वारहेड बनाने के लिए पर्याप्त हो सकता है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इनमें से करीब 190 वारहेड असेंबल किए जा चुके हैं। जबकि भविष्य में इसे बढ़ाकर 225 तक पहुंचाने की संभावना है।
विशेषज्ञों ने भारत के परमाणु कार्यक्रम में प्लूटोनियम उत्पादन की निरंतरता और भविष्य में उपलब्धता बढ़ने की संभावना का भी उल्लेख किया है। इससे आने वाले वर्षों में परमाणु हथियारों की संख्या में बढ़ोतरी की संभावना है।
9 न्यक्यूलियर केपेबल सिस्टम संचालित हो रहे
रिपोर्ट में भारत के परमाणु हथियार कार्यक्रम के आधुनिकीकरण पर भी जोर दिया गया है। FAS के आकलन के अनुसार भारत इस समय नौ अलग-अलग परमाणु-सक्षम सिस्टम संचालित कर रहा है। इनमें लड़ाकू विमान, जमीन से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें और समुद्र आधारित बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम शामिल हैं। इसके अलावा कम से कम दो अन्य सिस्टम विकास के अंतिम चरणों में बताए गए हैं।
इसका सीधा संबंध भारत की परमाणु त्रिकोणीय क्षमता यानी जमीन, हवा और समुद्र—तीनों माध्यमों से परमाणु हथियार पहुंचाने की क्षमता को मजबूत करने से है।
चीन और पाकिस्तान के मुकाबले भारत कहां?
SIPRI के जनवरी 2026 के अनुमान में भी भारत के परमाणु हथियारों की कुल संख्या 190 बताई गई है। इसी आकलन के अनुसार पाकिस्तान के पास करीब 170, जबकि चीन के पास लगभग 620 परमाणु वारहेड हैं। अमेरिका और रूस का भंडार इन देशों की तुलना में कई गुना बड़ा है।
SIPRI का कहना है कि भारत ने अपने परमाणु शस्त्रागार का आधुनिकीकरण जारी रखा है और लंबी दूरी तक मार करने वाले नए हथियारों के विकास पर भी जोर बढ़ा है। इसका रणनीतिक फोकस पाकिस्तान के साथ पुरानी प्रतिद्वंद्विता के साथ-साथ चीन तक पहुंच रखने वाली क्षमताओं को विकसित करने पर भी है।
दुनिया में बढ़ रही परमाणु प्रतिस्पर्धा
नई रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब दुनिया की परमाणु शक्तियां अपने हथियारों को कम करने के बजाय उन्हें आधुनिक बनाने पर ज्यादा जोर दे रही हैं। SIPRI के अनुसार जनवरी 2026 में दुनिया के नौ परमाणु-सशस्त्र देशों के पास कुल मिलाकर करीब 12,187 परमाणु वारहेड थे। इनमें लगभग 9,745 सैन्य भंडार में थे।
भारत के मामले में विशेषज्ञों का आकलन है कि नए हथियार प्रणालियों के विकसित होने के साथ परमाणु वारहेड की संख्या आगे बढ़ सकती है। हालांकि, वास्तविक संख्या को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी क्योंकि भारत अपने परमाणु शस्त्रागार की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं करता।





