BRICS समिट में शामिल होने भारत आएंगे पुतिन, 11 सितंबर को PM मोदी के साथ करेंगे बैठक, इन मुद्दों पर होगी बात
BRICS Summit 2026: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत दौरे पर आएंगे। बता दें कि भारत 12-13 सितंबर को ब्रिक्स समिट की मेजबानी करेगा।

BRICS Summit 2026: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन BRICS समिट में शामिल होने के लिए भारत आएंगे। 11 सितंबर को नई दिल्ली में BRICS नेताओं की बैठक से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन की द्विपक्षीय बैठक होगी। रूस के राष्ट्रपति ऑफिस क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इस मुलाकात की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि भारत को रूस अपना रणनीतिक साझेदार मानता है और दोनों देशों के रिश्ते उसके लिए बेहद अहम हैं।
पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे पुतिन
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि पुतिन शुक्रवार (11 सितंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे। मॉस्को से वर्चुअल ब्रीफिंग के जरिए पत्रकारों से बात करते हुए पेस्कोव ने कहा, "कुछ ही दिनों में राष्ट्रपति पुतिन अपनी भारत यात्रा शुरू करेंगे। आप जानते हैं कि हमारे दोनों नेता भारतीय और रूसी नेता बहुत करीबी व्यक्तिगत संपर्क में हैं। उनके रिश्ते बहुत व्यावहारिक हैं, और वे इतने ईमानदार हैं कि हमारे एजेंडे और द्विपक्षीय संबंधों के सबसे संवेदनशील मुद्दों पर बहुत खुले और रचनात्मक तरीके से चर्चा कर सकते हैं। ज़ाहिर है, इससे हमारे सहयोग के लिए नए रास्ते खुलते हैं।"
इन मुद्दों पर होगी बात
मोदी-पुतिन की बैठक में व्यापार, आर्थिक सहयोग और परिवहन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। दोनों देश आपसी कारोबार बढ़ाने और अपनी कंपनियों के लिए नए मौके तलाशने पर भी बात कर सकते हैं।
भारतीय कंपनियां रूस के बाजार में विस्तार करना चाहती हैं, जबकि रूस भारत में अपने कारोबार और उत्पादों की पहुंच बढ़ाने में रुचि रखता है।
बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध और फारस की खाड़ी में जारी तनाव भी चर्चा का हिस्सा हो सकता है। दोनों नेता युद्ध की मौजूदा स्थिति और उसके असर पर बात कर सकते हैं। रूस के मुताबिक, खाड़ी में जारी घटनाओं का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।
Su-57 लड़ाकू विमानों पर हो सकता है समझौता
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि भारत को रूस के अत्याधुनिक एसयू-57 लड़ाकू विमानों की बिक्री का मुद्दा दोनों देशों के बीच बातचीत के एजेंडे में शामिल है। उन्होंने संकेत दिया कि आगामी भारत-रूस वार्ता के दौरान एसयू-57 की संभावित बिक्री पर चर्चा हो सकती है।
18वां BRICS शिखर सम्मेलन
दरअसल, भारत 12-13 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। यह तेजी से आगे बढ़ रहे प्रमुख उभरते बाजार वाले देशों और विकासशील देशों के अंतर-सरकारी मंच के लिए एक अहम पल होगा। भारत ने इस साल 1 जनवरी को ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली, जो इस समूह की कमान संभालने का उसका चौथा मौका है। साल 2026 ब्रिक्स की स्थापना के 20 साल पूरे होने का भी प्रतीक है।
शुरुआत में यह ब्राजील, रूस, भारत और चीन का 'ब्रिक' (BRIC) गठबंधन था। इसने 2006 में न्यूयॉर्क में UN महासभा के दौरान अपने विदेश मंत्रियों की पहली बैठक की और 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में अपना पहला शिखर सम्मेलन आयोजित किया। बाद में, 2011 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद यह समूह 'ब्रिक्स' (BRICS) बन गया।
BRICS क्या है?
BRICS 11 प्रमुख उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों का एक समूह है। इनमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, UAE, सऊदी अरब और इंडोनेशिया शामिल हैं। इसका मकसद इन देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक सहयोग को बढ़ावा देना है।
14 साल बाद भारत में BRICS समिट
भारत 14 साल बाद BRICS समिट की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले 2012 में नई दिल्ली में सम्मेलन हुआ था। इस बार BRICS देशों के नेताओं की बैठक दिल्ली में होगी। समिट को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा और ट्रैफिक के खास इंतजाम किए गए हैं। नेताओं की आवाजाही के दौरान कई प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक नियंत्रित किया जाएगा।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर कई रास्तों पर डायवर्जन और यातायात प्रतिबंध की जानकारी दी है। एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जाने वालों के लिए वैकल्पिक रास्ते भी बताए गए हैं। पुलिस ने लोगों से यात्रा से पहले ट्रैफिक अपडेट देखने और जरूरी हो तो अतिरिक्त समय लेकर निकलने की अपील की है।




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