तृषा कृष्णन पर टिप्पणी से भड़के CM विजय, स्टालिन को दी सख्त चेतावनी!
विजय ने बिना नाम लिये उदयनिधि स्टालिन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा है कि महिलाओं का अपमान करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

CM Vijay Statement: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने महिलाओं के खिलाफ ओछी टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने विधानसभा में सोमवार को कहा कि मेरी राजनीतिक जीत के पीछे महिलाएं मुख्य वजह हैं। मैं महिलाओं के खिलाफ किसी भी तरह की अभद्र भाषा बर्दाश्त नहीं करूंगा।
महिलाओं के खिलाफ बयानबाजी पर क्या बोले विजय ?
विजय ने विधानसभा में कहा- मेरी राजनीतिक जीत के पीछे महिलाएं मुख्य वजह हैं। मैं महिलाओं के खिलाफ किसी भी तरह की अभद्र भाषा बर्दाश्त नहीं करूंगा। सीएम ने करीबी दोस्त एक्ट्रेस तृषा कृष्णन के खिलाफ की गई टिप्पणियों की तरफ इशारा करते हुए कहा, राजनीतिक आलोचना तीखी हो सकती है, लेकिन महिलाओं के खिलाफ कोई अपमानजनक टिप्पणी नहीं होनी चाहिए। विजय ने कहा कि मैं महिलाओं के खिलाफ किसी भी तरह की अभद्र भाषा बर्दाश्त नहीं करूंगा।
उदयनिधि स्टालिन ने की थी तृषा पर अश्लील टिप्पणी
विजय के बयान से कुछ दिन पहले डीएमके के वरिष्ठ नेता उदयनिधि स्टालिन अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर विवादों में आए थे। अगस्त के पहले सप्ताह में कावेरी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए आयोजित एक रैली में भीड़ की ओर से तृषा का नाम लिए जाने के बाद उदयनिधि ने कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। तृषा को विजय का करीबी दोस्त माना जाता है। हालांकि विजय ने विधानसभा में अपने बयान में किसी का नाम नहीं लिया।
तृषा पर टिप्पणी के बाद उदयनिधि गिरफ्तार
विवादित टिप्पणी के अगले दिन उदयनिधि को चेन्नई स्थित उनके घर से सुबह गिरफ्तार किया गया और उन्हें तंजावुर ले जाया गया, जहां उन्होंने वह टिप्पणी की थी। इसके बाद डीएमके ने विरोध प्रदर्शन किया और मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद उदयनिधि ने कहा था कि उन्हें बिना वजह गिरफ्तार किया गया और उन्होंने किसी के खिलाफ कुछ गलत नहीं कहा था।
विजय ने कहा- कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी
विजय ने कहा कि विकास के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है। पुलिस का काम सिर्फ आरोपियों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि राज्य के विकास की नींव मजबूत करना भी है।
उन्होंने आगे कहा कि जो लोग कानून का पालन करते हैं, उनके लिए पुलिस दोस्त है और जो कानून नहीं मानते, उनके लिए पुलिस दुश्मन है। राजनीतिक नेताओं और अधिकारियों को पुलिस के काम में दखल नहीं देना चाहिए।
