कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता, पहलगाम हमले में शामिल लश्कर कमांडर यासिर एनकाउंटर में ढेर
यासिर की पहचान सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां उसके पुराने संपर्कों, सहयोगियों और आतंकी नेटवर्क की भी जांच कर रही हैं। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि वह हाल की आतंकी गतिविधियों में किस तरह सक्रिय था और उसके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में शनिवार को सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। ऑपरेशन अशदर के तहत चलाए गए अभियान में पहलगाम के आतंकी हमले में शामिल लश्कर कमांडर यासिर एनकाउंटर में ढेर हो गया। जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक यासिर पाकिस्तान का नागरिक था और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ था।
खुफिया इनपुट के बाद शुरू हुआ अभियान
सुरक्षाबलों को यूसमर्ग के ऊपरी हिस्से में आतंकियों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी। इसके बाद भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया। अशदर गली और आसपास के दुर्गम जंगलों में तलाशी के दौरान जवानों संदिग्धों की जानकारी मिली। जैसे ही सुरक्षाबल आतंकियों के पास पहुंचे उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ में यासिर को मार गिराया। आतंकी के पास से एक AK राइफल और सामान बरामद हुए हैं।
12 से 15 हजार फीट की ऊंचाई पर ऑपरेशन
यह अभियान जिस इलाके में चलाया गया, वह पीर पंजाल रेंज का बेहद दुर्गम और ऊंचाई वाला क्षेत्र है। जानकारी के मुताबिक जिस जगह पर मुठभेड़ हुई, वो करीब 12,000 से 15,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। खराब मौसम, लगातार बारिश और बेहद कम विजिबिलिटी के कारण सुरक्षा बलों के लिए अभियान काफी मुश्किल था। लेकिन इसके बावजूद जवानों ने इलाके में घेराबंदी बनाए रखी और आतंकी को मार गिराया।
'पुलिस बोली- भाग सकते हो, लेकिन छिप नहीं सकते'
वहीं आतंकी के मारे जाने की जानकारी खुद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दी है। सोशल मीडिया साइट एक्स पर ट्वीट करते हुए J&K पुलिस ने लिखा, 'तुम भाग सकते हो लेकिन छिप नहीं सकते हो। ऑपरेशऩ अशदार के दौरान एक आतंकी को मार गिराया। आतंकी की पहचान यासिर के रूप में हुई है। आतंकी यासिर पाकिस्तानी नागरिक था और लश्कर-ए-तौएबा से जुड़ा था।'
https://x.com/JmuKmrPolice/status/2096157469932495075?s=20
2024 के कई हमलों में भूमिका का आरोप
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार यासिर का नाम 2024 में हुए कई बड़े आतंकी हमलों में जुड़ा हुआ है। इनमें पुंछ में भारतीय वायुसेना के काफिले पर हमला, सोनमर्ग के गगनगीर इलाके में निर्माण कर्मियों पर हमला और गुलमर्ग के पास बोता पथरी में सेना के वाहन पर घात लगाकर किया गया हमला शामिल है। 4 मई 2024 को पुंछ में हुए IAF काफिले पर हमले में एक जवान की मौत हुई थी और चार अन्य घायल हुए थे। वहीं अक्टूबर 2024 में गगनगीर में हुए हमले में सात लोगों की जान गई थी। बोता पथरी हमले में तीन सैनिकों और दो पोर्टरों की मौत हुई थी।
दूसरे आतंकी की तलाश जारी
सुरक्षाबलों को आशंका है कि मुठभेड़ वाले क्षेत्र में एक अन्य आतंकी भी छिपा हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दूसरा आतंकी बड़े पत्थरों और प्राकृतिक गुफाओं की आड़ में छिपा हुआ है। उसे पकड़ने के लिए इलाके में व्यापक तलाशी और घेराबंदी अभियान जारी है। संभावित भागने के रास्तों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है।
यासिर की पहचान सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां उसके पुराने संपर्कों, सहयोगियों और आतंकी नेटवर्क की भी जांच कर रही हैं। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि वह हाल की आतंकी गतिविधियों में किस तरह सक्रिय था और उसके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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