इंदौर स्वच्छता मॉडल वैश्विक पहचान बना! इटली के काउंसल जनरल ने महापौर से की मुलाकात, हो सकता है बड़ा निवेश
इटली के कारोबारी जगत की भारत में निवेश में रुचि भी बढ़ रही है। भारतीय वाणिज्यिक दूतावास के अनुसार, भारत में 600 से अधिक इटली की कंपनियां विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही हैं।

MP News: देशभर में अपनी स्वच्छता व्यवस्था के लिए पहचान बना चुके इंदौर के मॉडल ने अब विदेशी प्रतिनिधियों का भी ध्यान खींचा है। इटली के कॉन्सुल जनरल वॉल्टर फरेरा डेलीगेशन के साथ इंदौर पहुंचे। वॉल्टर फरेरा ने इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव से मुलाकात कर काफी देर तक चर्चा की। उन्होंने शहर की सफाई और ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को करीब से समझा। दौरे के दौरान शहर में अपनाई जा रही व्यवस्थाओं के साथ-साथ भविष्य में निवेश और कारोबारी सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
निवेश के लिहाज से भी महत्वपूर्ण दौरा
इंदौर की आर्थिक क्षमता और कारोबारी माहौल भी इस दौरे का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। भारत और इटली के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में पहले से प्रयास जारी हैं। इटली के कारोबारी जगत की भारत में निवेश में रुचि भी बढ़ रही है। भारतीय वाणिज्यिक दूतावास के अनुसार, भारत में 600 से अधिक इटली की कंपनियां विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही हैं।
कचरा प्रबंधन नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया
इंदौर की खासियत सिर्फ साफ-सुथरी सड़कों तक सीमित नहीं है। शहर ने घरों से निकलने वाले कचरे के अलग-अलग स्रोतों पर पृथक्करण, डोर-टू-डोर कलेक्शन और कचरे के वैज्ञानिक प्रसंस्करण को अपनी व्यवस्था का हिस्सा बनाया है। नीति आयोग के दस्तावेज के मुताबिक, इंदौर ने स्रोत पर कचरा अलग करने और उसके आगे के प्रबंधन को प्रभावी ढंग से लागू किया है।
कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने पर हो रहा काम
इंदौर नगर निगम की मौजूदा व्यवस्था में गीले, सूखे और अन्य श्रेणियों के कचरे का अलग-अलग संग्रह, प्रोसेसिंग प्लांट और रिसाइक्लिंग पर जोर दिया जाता है। निगम के मुताबिक, शहर में लगभग 100 प्रतिशत अलग-अलग श्रेणियों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रह की व्यवस्था है। इसके अलावा कंपोस्टिंग, बायो-मीथनेशन और मटेरियल रिकवरी जैसी प्रक्रियाओं के जरिए कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने पर भी काम किया जा रहा है।
वैश्विक पहचान बना रहा है इंदौर
विदेशी प्रतिनिधियों की दिलचस्पी ऐसे समय में सामने आई है, जब इंदौर अपने स्वच्छता मॉडल को लगातार आधुनिक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हाल ही में नगर निगम और आईआईएम इंदौर के बीच एआई और IoT आधारित स्मार्ट वेस्ट एवं वाटर मैनेजमेंट मॉडल विकसित करने के लिए दो साल की साझेदारी की योजना बनाई गई है।
ऐसे में इंदौर का स्वच्छता मॉडल विदेशी निवेशकों के लिए शहर की प्रशासनिक क्षमता और आधुनिक शहरी प्रबंधन की एक झलक भी पेश करता है। शहर अब सफाई के साथ टेक्नोलॉजी, पर्यावरण और निवेश को जोड़कर अपनी वैश्विक पहचान मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
