'करोंद चौराहे से मिसाइल लगाकर काजी कैंप में गिरा दो', BJP विधायक के बयान पर सियासत गरमाई, कांगेस बोली- CM कार्रवाई करें
विपक्ष का कहना है कि सरकार एक ओर मध्य प्रदेश को निवेश के लिए अनुकूल राज्य के तौर पर पेश कर रही है, जबकि दूसरी ओर सार्वजनिक मंचों से नेताओं के विवादित बयान सामने आ रहे हैं।
MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के एक बयान के बाद सियासत गरमा गई है। करोंद इलाके में आयोजित मटकी फोड़ कार्यक्रम के दौरान दिए गए भाषण में शर्मा ने मिसाइल और काजी कैंप का जिक्र किया। बयान का वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए भाजपा और सरकार से अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की है। साथ ही मुख्यमंत्री से पूछा है कि विधायक पर क्या कार्रवाई होगी।
'करोंद चौराहे से मिसाइल लगाकर काजी कैंप में गिरा दो'
रविवार रात करोंद क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में रामेश्वर शर्मा हिंदू एकता, राष्ट्रवाद और देश की सैन्य क्षमता का जिक्र कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने बयान देते हुए कहा कि करोंद चौराहे से मिसाइल लगाकर काजी कैंप में गिरा दो। हालांकि कार्यक्रम में मौजूद लोगों की प्रतिक्रिया के बीच विधायक ने तत्काल अपने बयान की दिशा स्पष्ट करने की कोशिश की। थोड़ी ही देर बाद रामेश्वर शर्मा ने कहा कि उनका मतलब भोपाल के काजी कैंप से नहीं, बल्कि पाकिस्तान के इस्लामाबाद वाले काजी कैंप से था। उन्होंने अपने संबोधन में भारत की सैन्य ताकत और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई का भी उल्लेख किया।
कांग्रेस बोली- CM बताए क्या कार्रवाई होगी
विधायक की सफाई सामने आने के बाद कांग्रेस ने कहा है कि ये पूरी तरह गलत है। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया है कि अगर बयान का संदर्भ पाकिस्तान के इस्लामाबाद से था, तो वहां बताए गए ‘काजी कैंप’ को लेकर स्थिति क्या है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि विवाद बढ़ने के बाद बयान को दूसरे संदर्भ से जोड़कर समझाने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस प्रवक्ताओं ने इसे सामाजिक सौहार्द से जोड़ते हुए भाजपा नेतृत्व से कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा है। कुछ कांग्रेस नेताओं ने विधायक के खिलाफ एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग भी उठाई है। साथ ही मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए कहा है कि वो बताएं कि अब विधायक पर क्या कार्रवाई होगी।
निवेश के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
विवाद के बीच कांग्रेस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की निवेश से जुड़ी विदेश यात्राओं का भी उल्लेख किया। विपक्ष का कहना है कि सरकार एक ओर मध्य प्रदेश को निवेश के लिए अनुकूल राज्य के तौर पर पेश कर रही है, जबकि दूसरी ओर सार्वजनिक मंचों से नेताओं के विवादित बयान सामने आ रहे हैं। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि ऐसे बयानों का प्रदेश की छवि पर क्या असर पड़ेगा।
बयान से बढ़ी राजनीतिक हलचल
रामेश्वर शर्मा का यह बयान अब स्थानीय कार्यक्रम से निकलकर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। भाजपा विधायक की सफाई के बावजूद कांग्रेस लगातार सरकार से कार्रवाई और आधिकारिक रुख स्पष्ट करने की मांग कर रही है। हालांकि भाजपा की तरफ से अभी तक बयान को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।