अवैध शराब से लेकर नकली पेट्रोल तक...हाईवे किनारे एक घर में हो रहा था निर्माण; ग्वालियर में पुलिस ने किया भंडाफोड़
कार्रवाई के दौरान करीब 2600 लीटर ओपी यानी इथेनॉल बरामद किया गया। इसके अलावा 63 बल्क लीटर शराब भी मिली। अधिकारियों के मुताबिक जब्त इथेनॉल से बड़ी मात्रा में शराब तैयार की जा सकती थी।
MP News: मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब कांड के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस बीच ग्वालियर में ऐसा मामला सामने आया है, जिसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। मोहना हाईवे के पास एक छोटे से मकान में कथित तौर पर अवैध शराब तैयार करने के साथ पेट्रोल में मिलावट कर उसे बेचने की तैयारी की जा रही थी। आबकारी विभाग की टीम ने देर रात छापेमारी कर यहां से बड़ी मात्रा में इथेनॉल, शराब, पेट्रोल और थिनर बरामद किया।
2600 लीटर इथेनॉल बरामद
मामला मोहना हाईवे पर महाकाल ढाबे के आसपास का है। जानकारी मिलने के बाद आबकारी विभाग की टीम ने संदिग्ध ठिकाने पर दबिश दी। मकान के महज दो कमरों में जिस तरह अलग-अलग ज्वलनशील पदार्थ रखे मिले, उससे यह साफ हुआ कि मामला केवल अवैध शराब के भंडारण तक सीमित नहीं था। टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस जगह पर कितने समय से गतिविधियां चल रही थीं और तैयार माल को कहां-कहां खपाया जा रहा था।
कार्रवाई के दौरान करीब 2600 लीटर ओपी यानी इथेनॉल बरामद किया गया। इसके अलावा 63 बल्क लीटर शराब भी मिली। अधिकारियों के मुताबिक जब्त इथेनॉल से बड़ी मात्रा में शराब तैयार की जा सकती थी। इतनी मात्रा में कच्चा माल मिलने से जांच एजेंसियों को आशंका है कि ठिकाने का इस्तेमाल शराब तैयार करने के लिए किया जा रहा था।
हाईवे से गुजरने वाले वाहनों को बेचा जा रहा था
मौके से 20 ड्रम पेट्रोल और 18 ड्रम थिनर भी बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में पेट्रोल में दूसरे पदार्थ मिलाकर उसे तैयार करने और हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों को बेचने की योजना की बात सामने आई है। हालांकि तैयार मिश्रण की वास्तविक संरचना और उसकी गुणवत्ता को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
हाईवे के पास ही क्यों चुनी गई जगह?
इस कार्रवाई ने एक और गंभीर सवाल खड़ा किया है। जिस जगह पर यह कथित अवैध कारोबार चल रहा था, वह हाईवे के नजदीक है। ऐसे में अगर मिलावटी ईंधन वास्तव में वाहनों में इस्तेमाल किया जाता, तो इससे वाहन चालकों के लिए बड़ा जोखिम पैदा हो सकता था।
वहीं इथेनॉल, पेट्रोल और थिनर जैसे ज्वलनशील पदार्थों को एक छोटे मकान में एक साथ रखना आग और विस्फोट के लिहाज से भी बेहद खतरनाक हो सकता है। यही वजह है कि जांच एजेंसियां अब बरामद सामग्री के स्रोत और सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटा रही हैं।
तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज
आबकारी विभाग की कार्रवाई के बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। दोनों विभागों ने अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। अब जांच का फोकस इस बात पर है कि इस अवैध कारोबार के पीछे कौन लोग हैं, कच्चा माल कहां से आता था और तैयार शराब व कथित मिलावटी पेट्रोल को किन इलाकों में पहुंचाया जाता था।
सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद मध्य प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है। ऐसे में ग्वालियर में सामने आया यह मामला यह सवाल भी खड़ा करता है कि शराब के अवैध कारोबार के साथ-साथ मिलावटी ईंधन के नेटवर्क पर निगरानी कितनी प्रभावी है।