‘शुद्धिकरण पर मोदी-शाह दोनों चुप क्यों ?’ खड़गे ने उठाए सवाल, FIR दर्ज करने की मांग
हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अब वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।

Mallikarjun Kharge: हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद कथित तौर पर मंच के शुद्धिकरण का मामला अब सियासी तूल पकड़ता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग की।
खड़गे बोले- मोदी और शाह दोनों मामले पर चुप
मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक वीडियो जारी कर कहा कि इस विषय पर मोदी साहब चुप बैठे हैं। अगर वो दलित होते और उनके साथ ऐसा होता तो क्या वो तब भी ऐसे ही चुप बैठते। अमित शाह वो भी चुप हैं, उनका तो काम ही लॉ एंड ऑर्डर का इंप्लीमेंट करने का है, वो भी चुप हैं।
‘दलितों-महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है’
खड़गे ने कहा कि देश में कभी भी बुरी चीजें हो रही हैं तो ये उसके बारे में कुछ नहीं बोलते हैं। राम मंदिर पर बात नहीं करना, दलितों पर अत्याचार हो रहा है, महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है उस पर बात नहीं करना। जब तक वो मुंह नहीं खोलते तब तक दूसरे लोग भी इसके बारे में बात नहीं करते हैं उनकी सरकार में उनकी पार्टी में।
नड्डा को पत्र लिखकर FIR की मांग
खड़गे ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को लिखे पत्र में कहा कि 8 अगस्त को हल्द्वानी में उनकी जनसभा के बाद रामलीला मैदान के मंच का शुद्धिकरण कराया गया। उन्होंने कहा कि इस घटना को 24 दिन बीत चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ FIR तक दर्ज नहीं हुई है।
खड़गे ने नड्डा से कहा है कि वे राज्यसभा में दिए अपने आश्वासन पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को निर्देशित करें और रामलीला मैदान में हुए शुद्धिकरण में शामिल व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ FIR दर्ज कराना सुनिश्चित करें। मल्लिकार्जुन खड़गे ने X पोस्ट कर लेटर की जानकारी दी।
राज्यसभा में भी उठा था मामला
इस मामले को लेकर 13 अगस्त को राज्यसभा में भी खड़गे ने आवाज उठाई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके भाषण के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने हवन कर मंच का शुद्धिकरण किया। उन्होंने खुद को अनुसूचित जाति से बताते हुए इसे आपत्तिजनक घटना बताया और दोषियों के खिलाफ अनटचेबिलिटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की थी।
इस पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने घटना की निंदा करते हुए कहा था कि भाजपा ऐसी किसी गतिविधि का समर्थन नहीं करती। उन्होंने मामले की जांच और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
खड़गे बोले- मामला सिर्फ मेरा नहीं
खड़गे ने अब इस घटना को संविधान की भावना और मानवीय मूल्यों के विपरीत बताते हुए इसे छुआछूत की मानसिकता से जोड़ा है। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर के महाड़ आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि यह मामला केवल उनका व्यक्तिगत मुद्दा नहीं, बल्कि उन करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा है, जो ऐसी सामाजिक मानसिकता का सामना करते हैं।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 8 अगस्त को मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित किया था। कांग्रेस का आरोप है कि इसके बाद 11 अगस्त को कुछ लोगों ने मैदान में हवन-यज्ञ कर कथित तौर पर मंच का शुद्धिकरण किया। कांग्रेस ने इसे जातिगत भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता से जोड़ते हुए विरोध किया।
इसके बाद राहुल गांधी ने 29 अगस्त को दिल्ली में इस मुद्दे को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कथित शुद्धीकरण को छुआछूत का मामला बताते हुए पीएम नरेंद्र मोदी से आरोपियों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज कराने की मांग की थी।