PWD के इंजीनयर के पास आय से 400 % ज्यादा संपत्ति, 11 करोड़ की प्रॉपर्टी का खुलासा; EOW की जांच जारी
EOW के मुताबिक सिंगारे के खिलाफ निर्माण कार्यों के बिलों के भुगतान के बदले कथित कमीशन मांगने की शिकायत मिली थी। सिविल कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन की शिकायत के सत्यापन के बाद भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।

MP News: मध्यप्रदेश के बालाघाट में लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यपालन यंत्री कमल किशोर सिंगारे से जुड़े ठिकानों पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की कार्रवाई के बाद संपत्तियों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी ने बालाघाट के अलावा भोपाल और छिंदवाड़ा में भी एक साथ तलाशी ली। शुरुआती जांच में करीब 11 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति सामने है। हालांकि, दस्तावेजों और अन्य संपत्तियों की जांच अभी जारी है। ईओडब्ल्यू की टीम का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद सही जानकारी सामने आएगी।
बालाघाट के साथ छिंदवाड़ा और भोपाल में एक साथ की थी रेड
EOW की कार्रवाई गुरुवार सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई। बालाघाट स्थित सरकारी आवास के साथ छिंदवाड़ा और भोपाल के परिसरों को भी टीमों ने खंगाला। जबलपुर की EOW की शाखा ने जब बालाघाट स्थिति सरकारी आवास पर छापेमारी की थी, तो एग्जीक्यूटिव इंजीनयर सो रहे थे। तलाशी के दौरान करीब 2.5 लाख रुपये नकद और लगभग 25 लाख की कीमत की नई स्कॉर्पियो मिलने की जानकारी सामने आई है।
छिंदवाड़ा और भोपाल में मिली करोड़ों की जमीन
जांच में छिंदवाड़ा में जमीन और मकान के अलावा व्यावसायिक संपत्ति से संबंधित दस्तावेज भी सामने आए हैं। फार्म हाउस से कृषि भूमि, ट्रैक्टर, ट्रॉली और कृषि उपकरणों से जुड़े रिकॉर्ड मिलने की बात कही गई है। भोपाल में भी जमीन और मकान की संपत्ति का पता चला है।
ठेकेदार की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
EOW के मुताबिक सिंगारे के खिलाफ निर्माण कार्यों के बिलों के भुगतान के बदले कथित कमीशन मांगने की शिकायत मिली थी। सिविल कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन की शिकायत के सत्यापन के बाद भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
जांच एजेंसी अब सिंगारे और उनके परिवार से जुड़े 12 बैंक खातों, संपत्ति के दस्तावेजों और निवेश की जानकारी खंगाल रही है। EOW का कहना है कि तलाशी पूरी होने के बाद अनुपातहीन संपत्ति का वास्तविक आंकड़ा और स्पष्ट हो सकता है।