5 राज्यों के चुनाव में BJP को मिला ₹1,473 करोड़ का चंदा! कांग्रेस से 7 गुना ज्यादा, अब कितना हुआ खजाना?
अप्रैल 2026 में हुए 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों के दौरान BJP को अपने केंद्रीय मुख्यालय में करीब 1,472.8 करोड़ रुपए मिले।
Election Funding: चुनाव आयोग (EC) को सौंपे गए खर्च और आय संबंधी दस्तावेजों से पता चला है कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा और कांग्रेस की आर्थिक स्थिति में बड़ा अंतर रहा। भाजपा को अपने केंद्रीय मुख्यालय में ही 1,472.8 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई, जबकि कांग्रेस की केंद्रीय और राज्य इकाइयों को मिलाकर कुल प्राप्ति 207.17 करोड़ रुपये रही। यानी भाजपा को कांग्रेस की तुलना में सात गुना से भी अधिक धन मिला।
भाजपा और कांग्रेस को चुनाव के दौरान कितने रुपये मिले?
2026 में 15 मार्च से 6 मई तक असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुदुचेरी के विधानसभा चुनाव हुए। इस दौरान कांग्रेस ने केंद्रीय मुख्यालय और पांचों राज्यों की इकाइयों को मिलाकर 207.17 करोड़ रुपये की शुद्ध प्राप्तियां बताईं। उसका कुल चुनावी खर्च 248.55 करोड़ रुपये रहा। दूसरी ओर, भाजपा के केंद्रीय मुख्यालय को इसी अवधि में 1,472.8 करोड़ रुपये मिले। भाजपा के केरल और पश्चिम बंगाल चुनावों के खर्च से जुड़े ब्योरे अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं। इसलिए भाजपा की कुल प्राप्तियां उपलब्ध आंकड़े से भी अधिक हो सकती हैं।
भाजपा की जमा राशि में कितना इजाफा हुआ ?
दस्तावेजों के अनुसार 15 मार्च 2026 से 6 मई 2026 तक चले चुनावी अवधि में भाजपा की आर्थिक स्थिति और मजबूत हुई। पार्टी के केंद्रीय मुख्यालय में चुनावी अवधि की शुरुआत में 6,722.6 करोड़ रुपये थे, जो 6 मई तक बढ़कर 7,627.2 करोड़ रुपये हो गए। इस तरह पार्टी की उपलब्ध राशि में 904.6 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
हालांकि यह आंकड़ा केवल केंद्रीय मुख्यालय का है। केरल और पश्चिम बंगाल के चुनावी खर्च और प्राप्ति से जुड़ी पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। ऐसे में भाजपा की कुल प्राप्ति इससे भी अधिक हो सकती है।
कांग्रेस की वित्तीय स्थिति में आई गिरावट
वहीं कांग्रेस की आर्थिक स्थिति चुनावी अवधि में कमजोर होती दिखाई दी। पार्टी ने अपने केंद्रीय मुख्यालय और पांच राज्य इकाइयों को मिलाकर चुनावी अवधि की शुरुआत लगभग 169.06 करोड़ रुपये के साथ की थी। इसमें 22.9 करोड़ रुपये नकद और 146.1 करोड़ रुपये बैंक खातों में थे। चुनाव खत्म होने तक यह राशि घटकर करीब 103.2 करोड़ रुपये रह गई। यानी कांग्रेस की उपलब्ध राशि में 65.86 करोड़ रुपये की कमी आई।
सबसे ज्यादा असम में खर्च
बीजेपी ने सबसे ज्यादा खर्च असम में किया, जो 96.3 करोड़ रुपये था। इसके बाद तमिलनाडु (51.6 करोड़ रुपये) और पुडुचेरी (11.9 करोड़ रुपये) का नंबर आता है। पार्टी के आम प्रचार पर लगभग 130.4 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि 29.6 करोड़ रुपये उम्मीदवारों के एकमुश्त भुगतान पर खर्च हुए। पश्चिम बंगाल और केरल इन दो राज्यों के चुनावी खर्च के आंकड़े चुनाव आयोग ने अभी तक सार्वजनिक नहीं किए हैं।
कांग्रेस ने प्रचार पर खर्च किए 143 करोड़ रुपए
कांग्रेस ने पांचों राज्यों में सामान्य पार्टी प्रचार पर 143 करोड़ रुपए और उम्मीदवारों पर 105.55 करोड़ रुपए खर्च किए। इस तरह उसका कुल चुनावी खर्च 248.55 करोड़ रुपए रहा।
कांग्रेस के केंद्रीय मुख्यालय ने पांचों राज्यों में सामान्य प्रचार पर 40.52 करोड़ रुपए खर्च किए। राज्य और स्थानीय इकाइयों ने इसी मद में 102.49 करोड़ रुपए खर्च किए।
कांग्रेस के सामान्य प्रचार खर्च में केरल का हिस्सा सबसे ज्यादा रहा। वहां पार्टी ने 59.28 करोड़ रुपए खर्च किए। केरल में कांग्रेस ने लेफ्ट फ्रंट को सत्ता से हटाया था। इसके बाद असम में सामान्य प्रचार पर 22.62 करोड़ रुपए खर्च किए।







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