TMC के चारों बैंक अकाउंट फ्रीज रहेंगे, सुप्रीम कोर्ट से ममता बनर्जी को झटका; कहा- कलकत्ता हाई कोर्ट जल्द सुनवाई करे
कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट से कहा कि वह मुख्य मामले की सुनवाई जल्द पूरी करने की कोशिश करे। सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 136 के तहत हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश में हस्तक्षेप करने से भी इनकार कर दिया।
SC On TMC Freeze Bank Accounts: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बैंक खातों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट से झटका मिला है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने चार ऐसे बैंक खातों के लेन-देन पर रोक हटाने से इनकार कर दिया है। इन चार खातों में करीब 804 करोड़ रुपये होने की जानकारी सामने आई है।
जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने कहा कि वह फिलहाल मामले के गुण-दोष पर नहीं जा रही है। कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट से कहा कि वह मुख्य मामले की सुनवाई जल्द पूरी करने की कोशिश करे। सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 136 के तहत हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश में हस्तक्षेप करने से भी इनकार कर दिया।
क्यों फ्रीज किए गए TMC के बैंक खाते?
मामला पश्चिम बंगाल पुलिस की जांच से जुड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक TMC के एक बागी गुट से जुड़े विधायक विश्वनाथ दास की शिकायत के बाद जून 2026 में FIR दर्ज की गई थी। शिकायत में पार्टी के बैंक खातों के जरिए कथित तौर पर अवैध गतिविधियों से जुड़े पैसों के लेन-देन के आरोप लगाए गए थे। इसके बाद पुलिस ने कुछ खातों पर डेबिट फ्रीज लगा दिया। TMC ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए कहा कि खातों को फ्रीज करने के लिए इस्तेमाल की गई FIR में प्रक्रियागत कमियां हैं।
पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा?
TMC की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि बैंक खातों पर रोक लगने से पार्टी का रोजमर्रा का काम प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपने नियमित कामकाज के लिए हर महीने करीब 12.15 करोड़ रुपये की जरूरत पड़ती है।
पार्टी की तरफ से यह भी कहा गया कि बैंक खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई राजनीतिक गतिविधियों को प्रभावित कर रही है। हालांकि, अदालत ने फिलहाल इस दलील पर कोई अंतिम राय नहीं दी और मामले को हाईकोर्ट में जारी सुनवाई के लिए छोड़ दिया।
कोर्ट ने किस बात को अहम माना?
सुप्रीम कोर्ट के सामने एक और बड़ा मुद्दा TMC के अंदर चल रहा गुटीय विवाद है। पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर विवाद के कारण यह सवाल भी जुड़ा हुआ है कि बैंक खातों में मौजूद रकम पर अधिकार किस गुट का है। कोर्ट ने इसी वजह से खाते खोलने पर तत्काल आदेश देने से परहेज किया। अदालत ने कहा कि जब पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न से जुड़ा विवाद अभी लंबित है, तब खातों की रकम पर अधिकार का सवाल भी महत्वपूर्ण है।
ED की जांच भी चल रही है
इस पूरे विवाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच भी अलग से चल रही है। पहले TMC से जुड़े तीन HDFC बैंक खातों को लेकर भी कार्रवाई हुई थी। जुलाई में कलकत्ता हाईकोर्ट ने इन खातों के एक हिस्से को पार्टी के रोजमर्रा के खर्चों के लिए विशेष अधिकारी की निगरानी में इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी। इन खातों में करीब 440 करोड़ रुपये होने की रिपोर्ट सामने आई थी।
ृवहीं मौजूदा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चार Indian Bank खातों को तुरंत संचालित करने की अनुमति नहीं दी है। अब इस मामले में आगे की सुनवाई कलकत्ता हाईकोर्ट में होगी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से मामले को जल्द सुनने के लिए कहा है।


