'जिहादी मानसिकता' का था भारतीय पायलट पर हमला करने वाला को-पायलट! महिलाओं से हाथ तक नहीं मिलाता था
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छर कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद यात्रियों और क्रू के कुछ सदस्यों ने अंदर पहुंचकर आरोपी को काबू किया। विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने बाद में विमान को तबुक में सुरक्षित उतारा।
Flydubai Co Pilot: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट स्मित मच्छर पर हमला करने वाले को-पायलट को लेकर चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। सबसे बड़ा सवाल अब यह है कि आखिर को-पायलट ने अपने ही साथी पायलट पर हमला क्यों किया? उसके व्यवहार के पीछे क्या वजह थी? क्या यह पहले से की गई योजना थी या अचानक हुआ हमला? फ्लाइट में सवार पायलट के कट्टर होने की बात सामने निकलकर सामने आ रही है। जानकारी के मुताबिक को पायलट का झुकाव धर्म के प्रति काफी ज्यादा था, इस कारण वो महिलाओं से हाथ तक नहीं मिलाता था।
8 महीने पहले फ्लाईदुबई से जुड़ा था आरोपी को-पायलट
हमले के बाद आरोपी को-पायलट के पुराने व्यवहार को लेकर एक साथी पायलट का बयान सामने आया है। इजरायली चैनल 16 से बात करते हुए साथी पायलट ने बताया कि हमलावर ने करीब 8 महीने पहले फ्लाईदुबई में नौकरी शुरू की थी।
साथी पायलट के मुताबिक वह दिनभर काफी ज्यादा प्रार्थना करता था। इसके अलावा वह महिलाओं से हाथ मिलाने से भी इनकार करता था। यह जानकारी सामने आने के बाद जांच का एक सवाल यह भी बन गया है कि नौकरी के दौरान उसके व्यवहार को लेकर कंपनी या दूसरे कर्मचारियों ने क्या महसूस किया था और उसकी प्रोफेशनल स्क्रीनिंग किस तरह हुई थी।
क्या धार्मिक सोच और हमले का कोई संबंध था?
फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि आरोपी के धार्मिक व्यवहार का फ्लाइट में हुए हमले से सीधा संबंध था। इजरायली अधिकारी इस घटना की संभावित आतंकी हमले के नजरिए से भी जांच कर रहे हैं, लेकिन हमले का मकसद अभी आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं हुआ है। आरोपी को सऊदी अधिकारियों ने हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
कॉकपिट में आखिर हुआ क्या था?
उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच अचानक संघर्ष शुरू हुआ। कथित हमले में कैप्टन स्मित मच्छर घायल हो गए। इसी दौरान विमान तेजी से नीचे आने लगा। अलग-अलग रिपोर्टों में विमान के करीब 14 हजार से 18 हजार फीट तक नीचे आने की जानकारी दी गई है।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छर कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद यात्रियों और क्रू के कुछ सदस्यों ने अंदर पहुंचकर आरोपी को काबू किया। विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने बाद में विमान को तबुक में सुरक्षित उतारा।
अब पायलटों की स्क्रीनिंग पर भी सवाल
इस घटना ने एयरलाइन में पायलटों की भर्ती और नियमित जांच की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं। एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि पायलटों की सिर्फ तकनीकी क्षमता ही नहीं, बल्कि उनकी मनोवैज्ञानिक और व्यवहार संबंधी स्थिति की निगरानी भी महत्वपूर्ण है। हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि इस घटना की पूरी जांच से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना ठीक नहीं होगा।
फिलहाल जांच एजेंसियां ब्लैक बॉक्स, यात्रियों के वीडियो और घटना से जुड़ी दूसरी जानकारियां जुटा रही हैं। इनसे यह पता लगाने की कोशिश होगी कि कॉकपिट में विवाद कैसे शुरू हुआ, हमला क्यों किया गया और क्या आरोपी ने पहले से इसकी तैयारी की थी।


