'घटना के 3 महीने बाद राहुल गांधी का पॉलिटिकल टूरिज्म', कांग्रेस नेता के बालाघाट दौरे पर डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ला का तंज
मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी के बालाघाट दौरे पर जमकर निशाना साधा। डिप्टी सीएम ने राहुल गांधी के दौरे को नाटकीय बताया।
Rahul Gandhi Balaghat Visit: बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत के मामले को लेकर मध्य प्रदेश की सियासत गरमा गई है। राहुल गांधी ने 1 अक्टूबर को प्रभावित गांवों का दौरा कर मृत बच्चों के परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी के दौरे पर सवाल उठाए और इसे 'पॉलिटिकल टूरिज्म' बताया।
राहुल गांधी का दौरा नाटकीय था- राजेंद्र शुक्ला
भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने राहुल गांधी के बालाघाट दौरे को लेकर कहा कि राहुल गांधी ने बालाघाट में वही किया, जिसकी उम्मीद थी। राहुल गांधी का दौरा नाटकीय था और वे इस पूरे मामले को राजनीतिक रूप देने की कोशिश कर रहे हैं।
राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि घटना के करीब तीन महीने बाद राहुल गांधी का बालाघाट आना 'पॉलिटिकल टूरिज्म' जैसा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर राहुल गांधी इस मामले को लेकर इतने गंभीर थे तो उन्हें घटना के तुरंत बाद प्रभावित क्षेत्र में पहुंचना चाहिए था।
नक्सलवाद को लेकर कांग्रेस पर निशाना
डिप्टी सीएम ने कांग्रेस पर नक्सलवाद को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी उसी कांग्रेस का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसके शासनकाल में नक्सलवाद को बढ़ावा मिला। उन्होंने UPA सरकार के समय नक्सलवाद के प्रभाव का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा- मध्यप्रदेश में नक्सलियों ने दिग्विजय सरकार के गृहमंत्री को घर में घुसकर मारा डाला था।
राजेंद्र शुक्ला ने मध्य प्रदेश के पुराने नक्सल प्रभावित इलाकों का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय यहां हालात काफी चुनौतीपूर्ण थे। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से अब इन क्षेत्रों में बदलाव आया है। राहुल गांधी को प्रधानमंत्री को नक्सलमुक्त करने के लिए धन्यवाद करना चाहिए
'नक्सलमुक्त इलाकों में पहुंच रही बुनियादी सुविधाएं'
राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री मोहन यादव के प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने पर काम किया गया है। इसका उद्देश्य केवल नक्सलवाद को खत्म करना नहीं, बल्कि इन इलाकों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना भी है।
उन्होंने कहा कि बैगा, भारिया और सहरिया जैसे विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के जरिए काम किया जा रहा है। जिन इलाकों में पहले लाल झंडे दिखाई देते थे, वहां अब 4G और 5G नेटवर्क के टावर, सड़क और दूसरी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
‘45 हजार महिलाओं और बच्चों की स्क्रीनिंग’
डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में नए आंगनवाड़ी केंद्र खोले गए हैं और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन किया जा रहा है। 45 हजार महिलाओं और बच्चों की स्क्रीनिंग की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी सुविधाओं को मजबूत करने पर काम कर रही है।
'जिनके पास समाधान नहीं, वे खुद समस्या होते हैं'
राहुल गांधी के दौरे पर तंज कसते हुए राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि जिन लोगों के पास समस्याओं का समाधान नहीं होता, वे खुद समस्या बन जाते हैं। उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल में मध्य प्रदेश की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय राज्य को 'बीमारू राज्य' कहा जाता था। आज लोग कहते हैं कई मामलों में मध्यप्रदेश नंबर 1 राज्य है। आज मध्य प्रदेश शिक्षा, स्वास्थ्य और दूरदराज के इलाकों तक नेटवर्क एवं बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने जैसे कई क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है।
लोकसभा में मुद्दा उठाने के बयान पर भी निशाना
राजेंद्र शुक्ला ने राहुल गांधी के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने बालाघाट के मुद्दे को लोकसभा में उठाने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि ‘राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं और उन्हें अपनी भूमिका निभानी चाहिए। सब जानते हैं जब से राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष बने हैं तब से लोकसभा चल नहीं पा रही, डिबेट नहीं हो पा रहे।
लाड़ली बहना योजना पर भी बोले शुक्ला
डिप्टी सीएम ने लाड़ली बहना योजना को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि इस योजना की शुरुआत किस सरकार ने की थी। मध्य प्रदेश की जनता 2003 से पहले के प्रदेश को भूली नहीं है, आपकी सरकार बनेगी ये ख्याल छोड़ दीजिए।
बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत का मामला फिलहाल राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। राहुल गांधी ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर स्वास्थ्य, शिक्षा और सरकारी सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि राज्य सरकार की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं, स्क्रीनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर किए गए कार्यों को सामने रखा जा रहा है।

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