वाइल्डलाइफ शौकीनों के लिए खुशखबरी! आज से खुला कूनो नेशनल पार्क, खुले जंगल में घूम रहे चीतों का कर सकेंगे दीदार
पार्क प्रबंधन ने करीब 20 हजार पर्यटकों के पहुंचने का अनुमान लगाया है। श्योपुर में सफारी टिकट बुकिंग के लिए चौथा काउंटर खोलने की भी तैयारी की गई है।
MP News: मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में 1 अक्टूबर से नए पर्यटन सीजन की शुरुआत हो गई है। तीन महीने के मानसून अवकाश के बाद पार्क के दरवाजे पर्यटकों के लिए खोल दिए गए हैं। इस बार कूनो की सफारी कई मायनों में खास रहने वाली है। पहली बार अक्टूबर में पर्यटकों को खुले जंगल में एक साथ 16 चीते देखने का मौका मिल सकता है। इससे देशभर के वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के बीच उत्साह है।
कूनो नेशनल पार्क अब केवल जंगल सफारी के लिए ही नहीं, बल्कि भारत के चीता प्रोजेक्ट के प्रमुख केंद्र के रूप में भी पहचाना जाता है। साल 2022 में नामीबिया से चीते लाकर यहां बसाए गए थे। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका से भी चीते लाए गए। धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ने के साथ पार्क की पहचान देश और विदेश में बनी है।
एक साथ 16 चीतों की मौजूदगी आकर्षण का केंद्र
इस बार अक्टूबर से शुरू हो रहे सफारी सीजन में खुले जंगल में 16 चीतों की मौजूदगी पर्यटकों के लिए बड़ा आकर्षण बन सकती है। हालांकि, जंगल में वन्यजीवों की मौजूदगी और उनकी गतिविधियों के आधार पर ही सफारी के दौरान उनके दिखाई देने की संभावना रहती है। चीतों को देख पाना पूरी तरह सुनिश्चित नहीं है।
सफारी के लिए बढ़ाई गईं जिप्सियां और गाइड
पर्यटकों की बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए कूनो प्रबंधन ने इस बार सफारी की तैयारियां भी बढ़ाई हैं। जिप्सियों और गाइड की संख्या बढ़ाई गई है, ताकि पर्यटकों को जंगल की सैर कराने में आसानी हो। पिछले सीजन की तुलना में इस बार ज्यादा पर्यटकों के आने की उम्मीद है। पार्क प्रबंधन ने करीब 20 हजार पर्यटकों के पहुंचने का अनुमान लगाया है। श्योपुर में सफारी टिकट बुकिंग के लिए चौथा काउंटर खोलने की भी तैयारी की गई है।
सुबह और शाम दो शिफ्ट में होगी सफारी
कूनो में अक्टूबर और नवंबर के दौरान पर्यटकों के लिए सुबह और शाम की सफारी की व्यवस्था रहेगी। मध्य प्रदेश वन विभाग के अनुसार, सुबह की सफारी के लिए प्रवेश सुबह 6 बजे से शुरू होगा और पर्यटकों को सुबह 11:30 बजे तक बाहर आना होगा। शाम की सफारी दोपहर 3 बजे से शुरू होकर शाम 6 बजे तक चलेगी।
पर्यटक वन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के जरिए सफारी की बुकिंग कर सकते हैं। सफारी के लिए पहले से परमिट लेना जरूरी है। पर्यटकों को यात्रा पर निकलने से पहले अपने प्रवेश गेट और बुकिंग की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
चीतों के साथ दूसरे वन्यजीव भी होंगे आकर्षण
कूनो में केवल चीते ही नहीं, बल्कि कई अन्य वन्यजीव भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। यहां चीतल, हिरण और दूसरे जंगली जानवरों को देखने का मौका मिल सकता है। जंगल का प्राकृतिक वातावरण और वन्यजीवों की गतिविधियां सफारी को खास बनाती हैं।
कूनो में चीतों को बसाने की परियोजना ने इस राष्ट्रीय उद्यान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाई है। अब पर्यटकों के लिए यह जानने का मौका है कि खुले जंगल में चीतों का जीवन कैसा है और वे किस तरह अपने प्राकृतिक माहौल में रह रहे हैं। मानसून के बाद शुरू हुआ यह पर्यटन सीजन कूनो के लिए अहम माना जा रहा है। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय स्तर पर पर्यटन से जुड़े कारोबार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
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