'कुछ हुआ तो शंका उन्हीं पर जाएगी', बागेश्वर धाम विवाद पर हर्षा रिछारियां बोलीं- गंदे कमेंट आ रहे, डरने वाली नहीं हूं
साध्वी हर्षा ने कहा कि उन्होंने किसी संत या संस्था के खिलाफ अपशब्द नहीं कहे हैं। किसी मुद्दे पर अपनी राय रखना अधिकार है और केवल धमकी मिलने के कारण वह अपनी बात वापस नहीं लेंगी।
MP News: मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब धमकी मिलने के दावे तक पहुंच गया है। साध्वी हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद गिरि ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि उनके सवाल उठाने के बाद उन्हें लगातार आपत्तिजनक कमेंट, मैसेज, ई-मेल और धमकियां मिल रही हैं। हालांकि, इन धमकियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
साध्वी हर्षा ने कहा कि उन्होंने किसी संत या संस्था के खिलाफ अपशब्द नहीं कहे हैं। किसी मुद्दे पर अपनी राय रखना अधिकार है और केवल धमकी मिलने के कारण वह अपनी बात वापस नहीं लेंगी।
धीरेंद्र शास्त्री के बयान से शुरू हुआ विवाद
यह विवाद पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की श्रद्धालुओं को दी गई सुरक्षा संबंधी सलाह के बाद शुरू हुआ। धीरेंद्र शास्त्री ने खासतौर पर महिलाओं से अपील की थी कि वे अकेले बागेश्वर धाम आने से बचें। अगर किसी महिला को अकेले आना पड़े तो किसी अनजान व्यक्ति या सेवादार पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करने की सलाह दी गई थी।
उन्होंने यह भी कहा था कि धाम का मंदिर परिसर और हॉल प्रबंधन के दायरे में आते हैं, लेकिन करीब पांच किलोमीटर में फैले पूरे क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेना संभव नहीं है। श्रद्धालुओं से अपनी सुरक्षा और सामान को लेकर खुद भी सावधानी बरतने की अपील की गई थी।
साध्वी हर्षा ने पूछा- फिर श्रद्धालु भरोसा किस पर करें?
धीरेंद्र शास्त्री की इस अपील के बाद साध्वी हर्षा ने सवाल उठाया था कि अगर धाम में आने वाली महिलाओं को सेवादारों और अनजान लोगों से सावधान रहने की सलाह दी जा रही है, तो परिवार अपनी बेटियों और महिलाओं को वहां भेजते समय आखिर किस पर भरोसा करें।
हर्षा ने श्रद्धालुओं को भी सलाह दी थी कि दर्शन के बाद ज्यादा देर तक धाम में रुकने के बजाय अपने घर लौट जाएं। उनका कहना था कि महिलाओं और परिवारों की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट व्यवस्था और भरोसे का माहौल होना जरूरी है।
पहले भी धमकियां मिलने की बात कही
अपने वीडियो में साध्वी हर्षा ने दावा किया कि उन्हें पहले भी धमकियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कुंभ के दौरान मिले कथित धमकी भरे संदेशों का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि उस समय भी उन्होंने अपनी बात रखने से पीछे हटने के बजाय सवाल उठाए थे।
साध्वी ने कहा कि उन्हें डराकर चुप कराने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो जिन लोगों के समर्थकों की ओर से उन्हें धमकियां दी जा रही हैं, उन पर सवाल उठेंगे। हालांकि, उन्होंने किसी खास व्यक्ति, संत, आश्रम या संगठन को इन धमकियों के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं बताया है।
धीरेंद्र शास्त्री ने सतर्क रहने की अपील की
बागेश्वर धाम से जुड़े इस विवाद ने धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और वहां आने वाली महिलाओं के लिए जरूरी सावधानियों को लेकर चर्चा बढ़ा दी है। धीरेंद्र शास्त्री ने जहां लोगों से सतर्क रहने की अपील की है, वहीं साध्वी हर्षा ने सुरक्षा व्यवस्था और भरोसे को लेकर सवाल उठाए हैं।
