ब्लिंकिट और स्विगी की जैकट पहनकर गर्लफ्रेंड से बदला लेने पहुंचा, दोस्तों के साथ मिलकर ज्वलशील पदार्थ डाल दिया
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी जांची जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि युवती को पहले से धमकी दी गई थी या नहीं और इस घटना की पूरी योजना कब और कैसे बनाई गई।
MP News: इंदौर के साकेत नगर इलाके में युवती पर ज्वलनशील पदार्थ फेंकने के मामले में पुलिस ने पूरी घटना का खुलासा कर दिया है। शुरुआती तौर पर यह मामला एसिड अटैक जैसा लग रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर सामने आया कि युवती को डराने के लिए उसके परिचित युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर पूरी योजना बनाई थी। आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए ब्लिंकिट(Blinkit) और स्विगी( Swiggy) जैसी ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों की जैकेट पहन रखी थी।
पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। घटना के बाद पुलिस ने इलाके में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली और आरोपियों तक पहुंचने के लिए उनके आने-जाने के रास्ते की जानकारी जुटाई।
क्लीनिक के बाहर हुआ था हमला
पुलिस के मुताबिक घटना 3 अक्टूबर की रात साकेत नगर में एक डॉक्टर के क्लीनिक के बाहर हुई। युवती अपनी सहेली की कार में बैठी थी। इसी दौरान दो बाइक पर चार युवक वहां पहुंचे। आरोप है कि इनमें से कुछ ने चेहरे ढक रखे थे। बाइक पर आए युवकों में एक ने ब्लिंकिट और दूसरे ने स्विगी की जैकेट पहन रखी थी।
आरोप है कि युवती को निशाना बनाकर ज्वलनशील पदार्थ फेंका गया। इसके बाद सभी आरोपी मौके से भाग गए। अचानक हुई इस घटना से युवती और उसकी सहेली घबरा गईं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
कपड़ों, बाइक से पुलिस ने की पहचान
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास के CCTV फुटेज खंगाले। फुटेज में दो बाइक पर चार युवक आते-जाते दिखाई दिए। पुलिस ने उनके कपड़ों, बाइक और हुलिए के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि युवती और आरोपी युवक के बीच पहले से जान-पहचान थी। दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार युवती ने आरोपी से बातचीत बंद कर दी थी और शादी से इनकार कर दिया था। इससे आरोपी नाराज था। इसके बाद उसने युवती को डराने के लिए अपने साथियों की मदद लेने का फैसला किया। पहचान छिपाने के लिए डिलीवरी कंपनियों जैसी जैकेट पहनने की योजना बनाई गई। चेहरे ढकने का भी प्रयास किया गया, ताकि CCTV फुटेज में पहचान मुश्किल हो।
शुरू में एसिड अटैक की बात आई थी सामने
घटना के तुरंत बाद युवती पर किसी खतरनाक पदार्थ से हमला किए जाने के कारण पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया। शुरुआती जांच में मामला एसिड अटैक जैसा प्रतीत हुआ। हालांकि, जांच और आरोपियों से पूछताछ के बाद घटना के पीछे युवती को डराने की साजिश सामने आई।
जानकारी के मुताबिक पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हमले में इस्तेमाल किया गया पदार्थ क्या था और आरोपियों ने इसकी व्यवस्था कहां से की थी।
पहचान छिपाने के लिए अपनाया अलग तरीका
इस घटना में सबसे ज्यादा चर्चा आरोपियों के डिलीवरी कंपनी की जैकेट पहनकर पहुंचने की हो रही है। सामान्य तौर पर ऐसी जैकेट पहनकर आने वाला व्यक्ति डिलीवरी कर्मचारी दिखाई दे सकता है। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने इसी वजह से यह तरीका अपनाया, ताकि इलाके में मौजूद लोगों को उन पर शक न हो।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी जांची जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि युवती को पहले से धमकी दी गई थी या नहीं और इस घटना की पूरी योजना कब और कैसे बनाई गई।
