नौरादेही में 2 चीतों की एंट्री, CM मोहन यादव ने किया रिलीज; बोले- ‘एक पप्पू हमारे यहां, मानता ही नहीं’
मध्यप्रदेश के सागर स्थित नौरादेही में चीता पुनर्स्थापना अभियान आगे बढ़ा है। कूनो से लाए गए दो चीतों को मुहली रेंज में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रिलीज किया। 439 हेक्टेयर क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था है। चीतों से बुंदेलखंड में पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
MP Cheetah Project: मध्यप्रदेश में चीता पुनर्स्थापना अभियान को एक और बड़ी उपलब्धि मिलने जा रही है। सागर के मुहली में आयोजित 'वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह' के समापन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। उन्होनें नौरादेही में दो चीतों को रिलीज किया। इस दौरान उन्होंने राजनीतिक तंज कसते हुए कहा कि “एक पप्पू हमारे यहां है, जो मानता ही नहीं है।” सीएम ने आगे कहा कि आज दुनिया भारत की ओर उम्मीद से देख रही है, ऐसे समय में भगवान सभी को सद्बुद्धि दें।
नौरादेही में दो चीतों की एंट्री
बता दें, कूनो नेशनल पार्क के बाद अब वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व यानी नौरादेही में भी चीतों की बसाहट शुरू की जा रही है। कूनो से लाए गए दो चीतों को मुहली रेंज में तैयार किए गए विशेष बोमा में रिलीज किया गया। इन वन्यजीवों की सुरक्षा और निगरानी के लिए करीब 439 हेक्टेयर क्षेत्र को तैयार किया गया है। वन विभाग की टीम चीतों की गतिविधियों, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर लगातार नजर रखेगी। इसके लिए मुहली रेंज में कुल पांच बोमा तैयार किए गए हैं।
चीतों से बुंदेलखंड में बढ़ेगा पर्यटन
वहीं, नौरादेही में चीतों की मौजूदगी को वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास से भी जोड़कर देखा जा रहा है। कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के मुताबिक, चीतों के आने से सागर और पूरे बुंदेलखंड में पर्यटन गतिविधियों को रफ्तार मिल सकती है। इससे रोजगार के नए अवसर बनने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
गाइड ट्रेनिंग सेंटर की मांग
कार्यक्रम के दौरान रहली विधायक गोपाल भार्गव ने मुहली में स्थानीय युवाओं के लिए गाइड ट्रेनिंग सेंटर शुरू करने की मांग रखी। उनका कहना है कि प्रशिक्षण के जरिए युवा अलग-अलग भाषाएं सीखकर पर्यटकों को बेहतर सेवाएं दे सकेंगे। इसके अलावा विस्थापित परिवारों को स्थानीय स्तर पर लघु उद्योग शुरू करने में मदद देने की मांग भी सामने रखी गई।
MP में तीन जगहों पर चीते
नौरादेही में चीतों की बसाहट के बाद मध्यप्रदेश में इनके लिए तीन प्रमुख क्षेत्र हो जाएंगे। इनमें कूनो नेशनल पार्क, गांधी सागर अभयारण्य और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (नौरादेही) शामिल हैं। इसे प्रदेश में चल रही चीता पुनर्स्थापना योजना के विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है।
वन्यजीव संरक्षण को नई दिशा
नौरादेही में चीतों की मौजूदगी मध्यप्रदेश के वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रम के लिए अहम कदम मानी जा रही है। करीब 439 हेक्टेयर के निर्धारित क्षेत्र में सुरक्षा, निगरानी और स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था के साथ वन विभाग चीतों की गतिविधियों पर नजर रखेगा।

