'यह शुद्ध रूप से आस्था है, पैसा नहीं'; 5 करोड़ लेने के आरोप पर विराट कोहली का फलाहारी महाराज को जवाब
कोहली के प्रवक्ता ने कहा कि फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा की ओर से विराट कोहली को लेकर किए गए दावे झूठे, बेबुनियाद और तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।
Virat Kohli's Reply to Falahari Maharaj: भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और संत प्रेमानंद महाराज से जुड़ा विवाद अब नया मोड़ ले चुका है। प्रेमानंद महाराज के आश्रम में विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा के जाने को लेकर फलाहारी महाराज ने दावा किया था कि विराट कोहली को वहां बुलाने के लिए 5 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। इस दावे के बाद अब विराट कोहली की टीम की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। कोहली के प्रवक्ता ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
कोहली के प्रवक्ता ने कहा कि फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा की ओर से विराट कोहली को लेकर किए गए दावे झूठे, बेबुनियाद और तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। उन्होंने साफ किया कि विराट कोहली प्रेमानंद महाराज से किसी आर्थिक लाभ या भुगतान की वजह से नहीं मिलते हैं। उनके आश्रम जाने के पीछे व्यक्तिगत आस्था और श्रद्धा है।
क्या था 5 करोड़ रुपये का दावा?
विवाद तब शुरू हुआ जब श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा ने विराट कोहली और प्रेमानंद महाराज की मुलाकात को लेकर कई दावे किए। दिनेश शर्मा का कहना था कि एक प्रॉपर्टी से जुड़े समूह ने विराट कोहली को प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए लाने पर करीब 5 करोड़ रुपये खर्च किए थे।
इस दावे के बाद सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में इस 5 करोड़ रुपये के भुगतान को साबित करने वाला कोई स्वतंत्र दस्तावेज या सार्वजनिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। दूसरी ओर, कोहली की टीम ने अब इस दावे को सीधे तौर पर खारिज कर दिया है।
विराट-अनुष्का कई बार जा चुके हैं वृंदावन
विराट कोहली और अनुष्का शर्मा पहले भी कई बार वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंच चुके हैं। दोनों की आश्रम में मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो पहले भी सामने आते रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, उनकी पहली चर्चित मुलाकात जनवरी 2023 में हुई थी। इसके बाद भी दोनों समय-समय पर आश्रम जाते रहे हैं।
यही वजह है कि इस बार सामने आए 5 करोड़ रुपये के दावे ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा पैदा की। अब कोहली की टीम ने अपनी स्थिति साफ कर दी है कि इन मुलाकातों को पैसे से जोड़कर देखना सही नहीं है।
मीडिया से की तथ्य जांचने की अपील
विराट कोहली के प्रवक्ता ने मीडिया से भी अपील की है कि इस तरह के दावों को प्रकाशित या आगे बढ़ाने से पहले उनकी सही तरीके से जांच की जाए। उनका कहना है कि बिना पुष्टि के किसी आरोप को खबर का हिस्सा बनाने से गलत जानकारी फैल सकती है।
इस पूरे मामले में फिलहाल दो अलग-अलग दावे सामने हैं। फलाहारी महाराज ने विराट कोहली के आश्रम जाने को लेकर आर्थिक लेन-देन का आरोप लगाया है, जबकि कोहली की टीम ने इसे पूरी तरह गलत बताया है। उपलब्ध रिपोर्टों में 5 करोड़ रुपये के भुगतान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में फिलहाल यह दावा आरोप के स्तर पर ही है, जबकि विराट कोहली की टीम की ओर से इसका स्पष्ट खंडन किया जा चुका है।




