आकाश आनंद की BSP में फिर वापसी, मिली बड़ी जिम्मेदारी; मायावती बोलीं- वे पूरी ईमानदारी और निष्ठा जरूर निभाएंगे
23 सितंबर को मायावती ने आकाश के छोटे भाई ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी दी थी। ईशान को संगठन में बड़ी भूमिका मिलने के बाद आकाश के राजनीतिक भविष्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
Akash Anand Come Back In BSP: बहुजन समाज पार्टी (BSP) में आकाश आनंद की एक बार फिर वापसी हो गई है। पार्टी प्रमुख मायावती ने सोमवार को उन्हें दोबारा राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी सौंप दी। खास बात यह है कि करीब एक महीने पहले ही आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह अलग कर दिया गया था। अब मायावती के इस फैसले से बसपा के भीतर आकाश की राजनीतिक भूमिका फिर से अहम हो गई है।
मायावती ने आकाश आनंद को बताया था अपरिपक्व
आकाश आनंद की वापसी का घटनाक्रम काफी तेजी से बदला है। 3 सितंबर को मायावती ने उन्हें पार्टी के महत्वपूर्ण पदों से हटा दिया था। इसके बाद 10 सितंबर को उन्हें पार्टी से भी अलग कर दिया गया था। मायावती ने उस समय कहा था कि आकाश को अभी राजनीतिक रूप से और परिपक्व होने की जरूरत है और उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देना उचित नहीं होगा।
इसके बाद 23 सितंबर को मायावती ने आकाश के छोटे भाई ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी दी थी। ईशान को संगठन में बड़ी भूमिका मिलने के बाद आकाश के राजनीतिक भविष्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
'आकाश पूरी ईमानदारी और निष्ठा से काम करेंगे'
2 अक्टूबर को आकाश आनंद ने सोशल मीडिया के जरिए मायावती से माफी मांगी और दोबारा पार्टी के लिए काम करने का मौका देने की अपील की। उन्होंने मायावती को अपनी राजनीतिक गुरु और प्रेरणा बताया। आकाश ने यह भी साफ किया कि वह किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी में शामिल नहीं होने जा रहे हैं। उन्होंने बसपा को अपना परिवार बताते हुए मायावती के नेतृत्व में काम करने की इच्छा जताई थी। इसके बाद मायावती ने आकाश आनंद को एक बार फिर बसपा में बड़ी जिम्मेदारी दी है। मायावती ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आकाश पार्टी के लिए पूरी ईमानदारी और निष्ठा से काम करेंगे।
आकाश ने अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ को लेकर मायावती के फैसले का भी समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि पार्टी और आंदोलन का हित व्यक्तिगत और पारिवारिक रिश्तों से ऊपर है। आकाश के इस सार्वजनिक रुख के बाद ही उनकी वापसी की संभावनाएं बढ़ गई थीं।
पहले भी कर चुके हैं वापसी
अब मायावती ने उन्हें न सिर्फ पार्टी में वापस लिया है, बल्कि वही राष्ट्रीय संयोजक का पद भी दे दिया है, जिस पर वह पहले काम कर चुके थे। यह फैसला ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं। ऐसे में आकाश की वापसी को बसपा के संगठन और चुनावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आकाश आनंद की राजनीति में वापसी का यह सिलसिला पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी मायावती उन्हें जिम्मेदारी से हटाने के बाद दोबारा महत्वपूर्ण भूमिका दे चुकी हैं। अब देखना होगा कि इस बार आकाश पार्टी में अपनी जिम्मेदारी किस तरह निभाते हैं और बसपा के आगामी चुनावी अभियान में उनकी क्या भूमिका रहती है।

