दुनिया के सबसे ऊंचे ब्रिज पर 100 की स्पीड से दौड़ी वंदे भारत, एफिल टावर से 35 मीटर ऊंचा है चिनाब पुल
यह चिनाब नदी के तल से करीब 359 मीटर यानी 1,178 फीट की ऊंचाई पर बना है। यह दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है।
Vande Bharat Trial On Chenab Bridge: जम्मू-कश्मीर में रेल यात्रा को तेज करने की दिशा में भारतीय रेलवे ने एक अहम उपलब्धि हासिल की है। गांधी जयंती के मौके पर 2 अक्टूबर को वंदे भारत एक्सप्रेस ने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल चिनाब ब्रिज और भारत के पहले केबल-स्टेड रेल पुल अंजी ब्रिज को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पार किया। रेलवे ने इस रफ्तार का सफल परीक्षण किया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी ट्रेन के दोनों पुलों से गुजरने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया है।
100 किलोमीटर प्रति घंटे की गई रफ्तार
इस परीक्षण के साथ कटरा-बनिहाल रेल सेक्शन पर ट्रेनों की अधिकतम मंजूर रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़ाकर 100 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। करीब 111 किलोमीटर लंबे इस रेल मार्ग पर अब ट्रेनें पहले के मुकाबले अधिक गति से चल सकेंगी। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इससे संचालन बेहतर करने और यात्रियों के सफर का समय कम करने में मदद मिलेगी। हालांकि, वास्तविक यात्रा समय में कितनी कमी आएगी, यह ट्रेन के पूरे रूट और उसके ठहराव पर भी निर्भर करेगा।
जम्मू और कश्मीर घाटी के बीच रेल संपर्क को मजबूती मिलेगी
चिनाब ब्रिज जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित है। यह चिनाब नदी के तल से करीब 359 मीटर यानी 1,178 फीट की ऊंचाई पर बना है। यह दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है। इसकी बनावट और निर्माण के दौरान पहाड़ी क्षेत्र, तेज हवाओं और कठिन मौसम जैसी चुनौतियों को ध्यान में रखा गया है।
यह पुल उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (USBRL) परियोजना का अहम हिस्सा है। इसके जरिए जम्मू क्षेत्र और कश्मीर घाटी के बीच रेल संपर्क को मजबूत करने में मदद मिली है। इस पुल के निर्माण को भारतीय रेलवे की बड़ी इंजीनियरिंग परियोजनाओं में गिना जाता है।
अंजी पुल पर भी दिखी तेज रफ्तार
वंदे भारत ने चिनाब ब्रिज के साथ अंजी ब्रिज को भी 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पार किया। अंजी ब्रिज भारत का पहला केबल-स्टेड रेलवे पुल है। यह गहरी अंजी खड्ड के ऊपर बनाया गया है। पुल को सहारा देने के लिए इसमें मजबूत केबलों का इस्तेमाल किया गया है। पहाड़ी इलाके में रेल लाइन को आगे बढ़ाने के लिए यह पुल काफी महत्वपूर्ण है।
यात्रियों को क्या फायदा होगा?
कटरा-बनिहाल सेक्शन पर रफ्तार बढ़ने से जम्मू और कश्मीर के बीच रेल संचालन को गति मिल सकती है। खासकर उन यात्रियों को फायदा होने की उम्मीद है, जो कटरा से बनिहाल और आगे कश्मीर घाटी की ओर यात्रा करते हैं। बेहतर गति से ट्रेन चलने पर यात्रा का समय घट सकता है और रेल सेवा अधिक सुविधाजनक बन सकती है।
यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब जम्मू-कश्मीर में रेल संपर्क को मजबूत करने के लिए नई सुविधाओं और बेहतर बुनियादी ढांचे पर काम किया जा रहा है। चिनाब और अंजी जैसे चुनौतीपूर्ण पुलों पर 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन का सफल परीक्षण इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

