रिटायर्ड IAS की हत्या के बाद 2 KM पैदल भागा केयर टेकर, भोपाल में लूट या सुपारी किलिंग? 3 राज्यों में तलाश
पुलिस लूट, पुराने वित्तीय विवाद और सुपारी देकर हत्या कराने जैसे अलग-अलग एंगल की जांच कर रही है। हालांकि अभी हत्या की असली वजह सामने नहीं आई है।
MP News: राजधानी भोपाल में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या की जांच अब सिर्फ लूटपाट तक सीमित नहीं है। पुलिस फरार केयरटेकर वरुण कुमार की तलाश के साथ हत्या के पीछे की वजह भी पता करने में जुटी है। पुलिस ने आरोपी के भागने का रूट ट्रेस कर लिया है। आरोपी वरुण वारदात को अंजाम देने के बाद पहले 2 किलोमीटर पैदल चला फिर ऑटो लेकर भोपाल रेलवे स्टेशन पहुंचा था। पुलिस लूट, पुराने वित्तीय विवाद और सुपारी देकर हत्या कराने जैसे अलग-अलग एंगल की जांच कर रही है। हालांकि अभी हत्या की असली वजह सामने नहीं आई है।
3 राज्यों में पुलिस कर रही आरोपी की तलाश
राकेश अग्रवाल का शव 30 सितंबर की सुबह रातीबड़ थाना क्षेत्र के सूरज नगर स्थित उनके घर में मिला था। उनके गले पर धारदार हथियार से वार के निशान थे। पुलिस को घटनास्थल से ऐसे सुराग मिले, जिनसे वरुण पर शक गहराया। वह हत्या के बाद से फरार है और पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश कर रही हैं।
आगरा में मिला रिटायर्ड IAS का मोबाइल
जांच के दौरान पुलिस को राकेश अग्रवाल का मोबाइल आगरा में मिला। हत्या के बाद मोबाइल गायब था और अब वह दूसरे व्यक्ति के पास चालू हालत में मिला है। पुलिस उस व्यक्ति से पूछताछ कर मोबाइल के एक व्यक्ति से दूसरे तक पहुंचने की कड़ी जोड़ रही है। पुलिस को आशंका है कि फरार वरुण ने भागते समय मोबाइल किसी को बेच दिया होगा।
पुलिस के मुताबिक, घर से सोने की चेन, अंगूठियां और चार महंगी घड़ियां भी गायब मिली हैं। इसी वजह से शुरुआत में हत्या को लूट से जोड़कर देखा गया था। अब यह भी जांच की जा रही है कि क्या कीमती सामान ले जाना हत्या के पीछे की मुख्य वजह थी या इसके पीछे कोई दूसरा मकसद था।
नौकरी शुरू करने के कुछ दिन बाद ही हत्या
वरुण को एक हेल्थ केयर एजेंसी के जरिए राकेश अग्रवाल के घर पर केयरटेकर के तौर पर रखा गया था। रिपोर्टों के मुताबिक, उसने घटना से कुछ दिन पहले ही काम शुरू किया था। परिवार को राकेश अग्रवाल की देखभाल के लिए 24 घंटे के केयरटेकर की जरूरत थी। इससे पहले दूसरा केयरटेकर काम कर रहा था, लेकिन उसके जाने के बाद एजेंसी ने वरुण को भेजा था। पुलिस अब एजेंसी से वरुण की नियुक्ति, उसके दस्तावेज, पुराने काम और बैकग्राउंड से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।
हत्या के बाद घर में आग लगाने की कोशिश?
जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि हत्या के बाद घर में गैस पाइप से छेड़छाड़ की गई थी। गैस सिलेंडर की पाइप को हटाकर गर्म आयरन के पास रखा गया था। जांचकर्ताओं को आशंका है कि ऐसा करके आग लगने या धमाके की स्थिति पैदा कर सबूत मिटाने की कोशिश की गई हो सकती है। इस एंगल की भी जांच जारी है।
एक करोड़ रुपये के पुराने विवाद की भी जांच
पुलिस राकेश अग्रवाल के पुराने वित्तीय लेनदेन की भी जानकारी जुटा रही है। एक मामले में उन्होंने करीब एक करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। इस केस में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है और मामला अदालत में चल रहा है। पुलिस अब यह देख रही है कि इस पुराने विवाद का हत्या से कोई संबंध है या नहीं। अभी पुलिस ने दोनों मामलों के बीच सीधा संबंध होने की पुष्टि नहीं की है।
फिलहाल पुलिस का सबसे बड़ा फोकस फरार वरुण कुमार को पकड़ने पर है। उसकी गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि हत्या लूट के लिए हुई, किसी पुराने विवाद से जुड़ी थी या इसके पीछे कोई और साजिश थी।
