पश्चिम बंगाल का बदलेगा नाम! BJP प्रदेश अध्यक्ष बोले- विधानसभा में बिल पेश करेगी सरकार, बताया क्या होगी राज्य की नई पहचान
पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर ‘पश्चिम बंग’ करने की कवायद तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार जल्द ही विधानसभा में नाम बदलने से जुड़ा विधेयक पेश करेगी।

West Bengal Name Change: पश्चिम बंगाल का नाम जल्द ही बदला जा सकता है। राज्य के बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने सोमवार को इस बारे में बड़ा दावा किया है। समिक भट्टाचार्य ने कहा है कि राज्य सरकार जल्द ही विधानसभा में पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर 'पश्चिम बंग' करने के लिए विधेयक पेश करेगी। समिक भट्टाचार्य के मुताबिक सरकार ने यह फैसला बंगाल को उसके इतिहास से जोड़ने के लिए लिया है।
क्या बोले समिक भट्टाचार्य ?
समिक भट्टाचार्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि लोगों को जल्द ‘बांग्ला’ या ‘वेस्ट बंगाल जैसे नामों का इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बहुत जल्द विधानसभा में विधेयक पेश करेगी। हालांकि यह प्रस्ताव कब और किस प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा, इसकी अंतिम स्थिति विधानसभा में विधेयक आने के बाद ही साफ होगी। नाम बदलने का मुद्दा पश्चिम बंगाल में नया नहीं है। इसके पीछे बंगाली पहचान और औपनिवेशिक दौर से जुड़े नाम को बदलने की दलील पहले भी दी जाती रही है। लेकिन राजनीतिक सहमति और केंद्र की मंजूरी नहीं मिलने के कारण मामला आगे नहीं बढ़ सका।
1999 से चल रही नाम बदलने की कहानी
पश्चिम बंगाल का नाम बदलने की कोशिशों का इतिहास करीब ढाई दशक पुराना है। 1999 में ज्योति बसु के नेतृत्व वाली वाम मोर्चा सरकार ने पश्चिम बंगा नाम रखने का प्रस्ताव विधानसभा में रखा था। उस समय बांग्ला नाम पर भी चर्चा हुई थी। प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया लेकिन मंजूरी नहीं मिली। 2011 में ममता बनर्जी सरकार आने के बाद यह मुद्दा फिर उठा। उस समय पश्चिम बंगा नाम का प्रस्ताव रखा गया। सरकार का तर्क था कि अंग्रेजी वर्णक्रम में वेस्ट बंगाल नीचे आता है। इससे राष्ट्रीय बैठकों में राज्य के प्रतिनिधियों को अपनी बारी के लिए इंतजार करना पड़ता है। हालांकि केंद्र ने इसे मंजूरी नहीं दी।
2016 में तीसरी कोशिश
2016 में सरकार ने तीन नामों बंगाली में 'बांग्ला', अंग्रेजी में 'बंगाल' और हिंदी में 'बंगाल' के साथ इस प्रक्रिया को फिर से शुरू किया और 2018 में विधानसभा ने सर्वसम्मति से 'बांग्ला' को एकमात्र नाम बनाने का प्रस्ताव पारित किया। केंद्र ने फिर से इसे मंजूरी नहीं दी और राज्य में BJP नेताओं के एक वर्ग की 'बांग्ला' और बांग्लादेश के बीच समानता को लेकर चिंताओं के बीच संवैधानिक संशोधन की जरूरत का हवाला दिया।
पश्चिम बंगाल में UCC भी लाने की तैयारी
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी हाल ही में बड़ा ऐलान किया है। सीएम शुभेंदु ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता यानी UCC को अगले 6 महीने के अंदर लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में उत्तराखंड और गुजरात की तर्ज पर UCC को लागू किया जाएगा। सीएम शुभेंदु ने आगे ये भी कहा है कि UCC के अलावा पश्चिम बंगाल में लव जिहाद, लैंड जिहाद और जबरन धर्मांतरण के खिलाफ भी सख्त कानून लाए जाएंगे।



