'मुसलमान नाराज ना हों, इसलिए कैप्टन स्मित की तारीफी नहीं की', CM मोहन यादव ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला
मुख्यमंत्री खंडवा में रानी दुर्गावती जयंती के कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने रानी दुर्गावती के योगदान को याद किया और गोंड राजवंश से जुड़े 52 गढ़ों के पूर्व शासकों के वंशजों का सम्मान भी किया।
MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है। खंडवा में रानी दुर्गावती जयंती के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेता अल्पसंख्यक वोट नाराज होने के डर से कैप्टन मच्छार की बहादुरी की तारीफ नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को वोट की राजनीति करने वाला बताते हुए इस रवैये पर सवाल उठाया।
मुख्यमंत्री खंडवा में रानी दुर्गावती जयंती के कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने रानी दुर्गावती के योगदान को याद किया और गोंड राजवंश से जुड़े 52 गढ़ों के पूर्व शासकों के वंशजों का सम्मान भी किया।
'इस तरह राजनीति के लिए कांग्रेस को शर्म आनी चाहिए'
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक भारतीय ने अपनी जान जोखिम में डालकर विमान में मौजूद लोगों की जान बचाई। उन्होंने दावा किया कि ऐसी बहादुरी भारतीय और सनातन संस्कृति का हिस्सा है, लेकिन कांग्रेस नेता अल्पसंख्यक वोटों के नुकसान के डर से मच्छार की तारीफ नहीं कर रहे हैं।
मोहन यादव ने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वोट के लिए इस तरह की राजनीति करने पर उन्हें शर्म आनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर यह आरोप भी लगाया कि सत्ता में रहने के दौरान पार्टी ने बालाघाट और दूसरे आदिवासी इलाकों में नक्सलवाद को लेकर पर्याप्त काम नहीं किया।
राहुल गांधी के बालाघाट दौरे पर भी हमला बोला
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के 1 अक्टूबर के बालाघाट दौरे को लेकर भी सवाल उठाए। राहुल गांधी वहां हाल के महीनों में संक्रामक बीमारी से जान गंवाने वाले आदिवासी बच्चों के परिवारों से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने राज्य सरकार पर बीमारी और कुपोषण से निपटने में नाकाम रहने का आरोप लगाया था।
इसके जवाब में मोहन यादव ने कांग्रेस के पुराने शासनकाल में बालाघाट, मंडला और डिंडोरी में नक्सली गतिविधियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने 1999 में तत्कालीन मंत्री लिखीराम कावरे की नक्सलियों द्वारा हत्या का जिक्र किया और दावा किया कि कांग्रेस के बड़े नेता उस समय उनके परिवार से मिलने नहीं पहुंचे। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के बालाघाट दौरे को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में नक्सलवाद पर काफी हद तक नियंत्रण होने के बाद कांग्रेस के नेता बालाघाट पहुंच रहे हैं।
जांबाज भारतीय पायलट ने बचाई 174 जिंदगियां
कैप्टन स्मित मच्छार फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 के पायलट थे। यह विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था और उसमें 174 यात्री सवार थे। 30 सितंबर को उड़ान के दौरान सह-पायलट ने कॉकपिट में मच्छार पर हमला किया। इस हमले में भारतीय पायलट गंभीर रूप से घायल हो गए।
इसके बाद विमान अचानक तेजी से नीचे आने लगा। गंभीर चोट के बावजूद मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इससे यात्रियों और क्रू के अन्य सदस्यों को अंदर पहुंचने और हमलावर को काबू करने में मदद मिली। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ा गया, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अस्पताल में मच्छार से बातचीत की और उनकी सूझबूझ व साहस की तारीफ की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और दूसरे नेताओं ने भी पायलट की बहादुरी को सराहा।

