55 करोड़ UPI यूजर्स को बड़ी राहत! ₹2,000 तक पेमेंट पर नहीं लगेगा चार्ज, केंद्र सरकार का आदेश
केंद्र सरकार ने बैंकों और सिस्टम प्रोवाइडर्स को 2,000 रुपये तक के यूपीआई (UPI) लेनदेन पर किसी भी प्रकार का ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगाने से रोक दिया है।

UPI Payment Rules: आम जनता और छोटे व्यापारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को एक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर स्पष्ट किया है कि 2 हजार तक के UPI ट्रांजेक्शन और RuPay डेबिट कार्ड पमेंट पर कोई भी बैंक या सिस्टम प्रोवाइडर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई चार्ज नहीं लगा सकता।
क्या कहता है सरकार का नोटिफिकेशन
सरकार के इस आदेश के मुताबिक, 2 हजार तक के इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट लेने या देने वाले किसी भी व्यक्ति पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूला जाएगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हाल के कानूनी बदलावों के बाद आम यूजर्स पर भी डिजिटल पेमेंट चार्ज लगने की अटकलें तेज हो गई थीं।
वित्त मंत्रालय ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि हाल ही में संसद द्वारा पास किए गए टैक्सेशन एंड अदर लॉज बिल, 2026 का मकसद आम लोगों पर बोझ डालना नहीं, बल्कि UPI इकोसिस्टम की तकनीकी मजबूती और सुरक्षा को बढ़ाना है।
ग्राहकों और दुकानदारों पर क्या असर?
इस फैसले का सीधा फायदा छोटे दुकानदारों, किराना स्टोर, रेहड़ी-पटरी कारोबारियों, छोटे कारोबारों और ग्राहकों को मिल सकता है। उदाहरण के लिए मान लीजिए कि अगर कोई ग्राहक UPI के जरिए 800 रुपये का पेमेंट करता है, तो बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर ग्राहक या दुकानदार से अलग से कोई चार्ज नहीं ले सकेगा। इसी तरह 2,000 रुपये तक की खरीदारी पर RuPay डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करने पर भी पेमेंट से जुड़ा अतिरिक्त चार्ज नहीं लगाया जा सकेगा।
2,000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर कटेंगे पैसे?
ये तो स्पष्ट हो गया कि बैंक और सिस्टम प्रोवाइडर 2,000 रुपये की सीमा तक पेमेंट पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क नहीं लगा पाएंगे। हालांकि, नोटिफिकेशन में UPI के लिए सीमा 2,000 रुपये तक के लेनदेन पर लागू बताई गई है। इसलिए 2,000 रुपये से ज्यादा पेमेंट या अन्य कार्ड नेटवर्क के नियमों पर ये आदेश लागू होगा या नहीं, ये संबंधित नियमों और शुल्क संरचना पर निर्भर करेगा।
MDR का असर ग्राहक पर पड़ेगा या दुकानदार पर?
MDR यानी Merchant Discount Rate यह डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने की सुविधा के बदले दुकानदार या कारोबारी से लिया जाने वाला शुल्क है। MDR मर्चेंट से जुड़ा शुल्क है, इसलिए इसका सीधा असर दुकानदार या कारोबारी की पेमेंट लागत पर पड़ सकता है। हालांकि, अगर कारोबारी की लागत बढ़ती है तो वह इसे अपनी कारोबारी लागत में शामिल कर सकता है। इसका असर सामान या सेवा की कीमत पर पड़ेगा या नहीं, यह आगे के नियमों और बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा।



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