Rahul Gandhi Speech : राहुल गांधी ने कहा 'इडियट', फिर लोकसभा में मचा हंगामा! राजनाथ सिंह और रिजिजू बोले- माफी मांगें...
Rahul Gandhi Speech : भाषण में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान गृह मंत्री की ओर से बल प्रयोग की अनुमति दी गई और छात्रों पर गोली तथा पेलेट गन चलाने के आदेश दिए गए।
Rahul Gandhi Speech : नई दिल्ली। लोकसभा में पेपर लीक से जुड़े विधेयक पर लगातार दूसरे दिन चर्चा के दौरान जोरदार हंगामा देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने करीब 50 मिनट तक अपनी बात रखी और शिक्षा व्यवस्था, छात्रों के विरोध प्रदर्शन तथा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। भाषण के दौरान उन्होंने कुछ तीखी टिप्पणियां कीं, जिन पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई। सदन में कई बार नारेबाजी हुई और माहौल काफी गर्म रहा। हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2:30 बजे तक स्थगित कर दी गई।
गृह मंत्री पर आरोप, सरकार ने मांगा सबूत
अपने भाषण में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान गृह मंत्री की ओर से बल प्रयोग की अनुमति दी गई और छात्रों पर गोली तथा पेलेट गन चलाने के आदेश दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि बल प्रयोग की अनुमति केवल गृह मंत्री या प्रधानमंत्री स्तर से ही दी जा सकती है।
इन आरोपों पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने तत्काल आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इतने गंभीर आरोप बिना किसी प्रमाण के नहीं लगाए जा सकते। रिजिजू ने राहुल गांधी से सदन में संबंधित आदेश की प्रति पेश करने और अपने बयान के लिए माफी मांगने की मांग की।
स्पीकर ने कई बार टोका, असंसदीय शब्द हटाए गए
राहुल गांधी के भाषण के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने उन्हें कई बार संसदीय मर्यादा का पालन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सदन में असंसदीय भाषा का प्रयोग उचित नहीं है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आग्रह पर स्पीकर ने राहुल गांधी द्वारा इस्तेमाल किए गए कुछ विवादित शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच लगातार तीखी नोकझोंक और नारेबाजी होती रही।
छात्रों और शिक्षा व्यवस्था पर राहुल गांधी का हमला
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि देश के छात्र केवल अपनी आवाज उठा रहे हैं और उनके प्रदर्शन में गुस्सा नहीं बल्कि अपने भविष्य की चिंता दिखाई दे रही थी। उन्होंने दावा किया कि शिक्षा व्यवस्था पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का प्रभाव बढ़ गया है और शिक्षा मंत्रालय की नीतियों पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की भूमिका पर भी टिप्पणी की और कहा कि छात्रों को अपनी पसंद और विचार खुलकर रखने का अवसर मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की जरूरत है।
विपक्ष ने जांच की मांग उठाई, सरकार ने आरोपों को बताया गंभीर
राहुल गांधी के आरोपों के बाद विपक्षी सांसदों ने "राहुल गांधी को बोलने दो" के नारे लगाए। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यदि इतने गंभीर आरोप लगाए गए हैं तो सरकार को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।
वहीं किरेन रिजिजू ने कहा कि जांच की मांग करना अलग बात है, लेकिन बिना साक्ष्य सीधे गृह मंत्री पर आरोप लगाना गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने दोहराया कि राहुल गांधी को अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए।
दूसरे दिन भी जारी रही पेपर लीक बिल पर बहस
पेपर लीक से जुड़े विधेयक पर संसद में दूसरे दिन भी लंबी चर्चा हुई। इससे पहले पहले दिन करीब नौ घंटे तक बहस चली थी। सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने विधेयक का पक्ष रखा था।
वहीं विपक्ष की ओर से गौरव गोगोई, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव ने अपने विचार रखे। विधेयक को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बहस जारी है।