मोबाइल रिचार्ज में बड़ा बदलाव, अब 30 दिन की वैलिडिटी; जानिए बिना डेटा वाले प्लान में क्या खास?
ट्राई के नए नियमों से बिना डेटा वाले छोटे रिचार्ज और 30 दिन की वैलिडिटी का विकल्प मिलेगा, जिससे कम डेटा इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को राहत होगी।
मोबाइल रिचार्ज कराने वाले उन ग्राहकों के लिए राहत की खबर है, जिन्हें इंटरनेट डेटा की जरूरत नहीं होती। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के नए नियम लागू होने के बाद कंपनियों को सिर्फ कॉल और एसएमएस वाले रिचार्ज के विकल्प देने होंगे। साथ ही छोटी अवधि के बिना डेटा वाले प्लान भी उपलब्ध कराने होंगे। रिचार्ज की वैलिडिटी को लेकर भी बदलाव किया गया है। अब 28 दिन के बजाय 30 दिन की वैधता का विकल्प मिलेगा।
30 दिन की वैलिडिटी का नियम लागू
नए नियमों के तहत जिस तारीख को ग्राहक रिचार्ज कराएगा, अगले महीने उसी तारीख तक प्लान वैध रहेगा। अगर अगले महीने वह तारीख मौजूद नहीं है, तो उस महीने की आखिरी तारीख तक वैलिडिटी रखी जा सकेगी। इससे 28 दिन के चक्र के बजाय ग्राहकों को महीने के हिसाब से रिचार्ज का विकल्प मिलेगा।
छोटी अवधि का बिना डेटा वाला प्लान जरूरी
ट्राई ने कंपनियों के लिए कम से कम एक ऐसा रिचार्ज उपलब्ध कराना जरूरी किया है, जिसमें डेटा शामिल नहीं होगा और जिसकी अवधि छोटी होगी। इससे सिर्फ कॉल और एसएमएस का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को अपनी जरूरत के मुताबिक प्लान चुनने का विकल्प मिलेगा।
दिसंबर 2024 के बाद भी थी बड़ी दिक्कत
ट्राई ने दिसंबर 2024 में कंपनियों को कम से कम एक वॉयस और एसएमएस प्लान देने का निर्देश दिया था। कंपनियों ने ऐसे प्लान पेश किए, लेकिन छोटी अवधि के विकल्प सीमित रहे। कई ग्राहकों को जरूरत न होने के बावजूद डेटा वाले या लंबी अवधि के प्लान लेने पड़ते थे।
इन ग्राहकों को मिलेगा ज्यादा फायदा
नए बदलाव का सीधा फायदा उन लोगों को मिल सकता है जो इंटरनेट का इस्तेमाल कम करते हैं या बिल्कुल नहीं करते। खासतौर पर बुजुर्गों और ग्रामीण इलाकों में सिर्फ कॉलिंग के लिए मोबाइल इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए बिना डेटा वाले विकल्प उपयोगी हो सकते हैं। देश में 115 करोड़ से ज्यादा मोबाइल कनेक्शन हैं और औसत डेटा खपत करीब 31 जीबी प्रति व्यक्ति प्रतिमाह बताई गई है।
स्क्रीन गार्ड पर भी नए मानक
मोबाइल रिचार्ज के अलावा स्क्रीन गार्ड को लेकर भी सरकार ने क्वालिटी-कंट्रोल के तहत मानक तय करने की प्रक्रिया शुरू की है। स्क्रीन गार्ड बनाने और बेचने वाली कंपनियों को रजिस्ट्रेशन कराना होगा। बिना मानकीकरण वाले स्क्रीन गार्ड की बिक्री अप्रैल 2027 से नहीं की जा सकेगी।





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