'ना बाप, ना भैय्या, सबसे बड़ा रुपैया', इंटर्न आयुर्वेद डॉक्टरों का भी बढ़ाया जाएगा स्टाइपेंड; CM मोहन यादव ने किया ऐलान
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान मजाकिया अंदाज में कहा, "ना बाप बड़ा ना भैय्या, सबसे बड़ा रुपैया।" इसके बाद उन्होंने इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की बात कही।
MP News: मध्य प्रदेश में MBBS इंटर्न डॉक्टरों के बाद अब आयुर्वेद इंटर्न डॉक्टरों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आयुर्वेद इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर ऐलान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल में 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में आयुर्वेद इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में आयुष विभाग के मंत्री को निर्देश दिए हैं और जल्द ही अच्छी खबर मिलेगी।
'ना बाप बड़ा ना भैय्या, सबसे बड़ा रुपैया'
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे आयुर्वेद और योग को जीवन में प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एक साथ 9 आयुर्वेद महाविद्यालय शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आयुर्वेद की पहुंच अब भारत तक सीमित नहीं है। स्कॉटलैंड में चरक महाराज की प्रतिमा का अनावरण होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की स्वीकार्यता दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान मजाकिया अंदाज में कहा, "ना बाप बड़ा ना भैय्या, सबसे बड़ा रुपैया।" इसके बाद उन्होंने इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की बात कही।
स्टाइपेंड 21500 रुपये करने की मांग
दरअसल, हाल ही में MBBS इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन किया था। इसके बाद आयुष और आयुर्वेद इंटर्न डॉक्टरों ने भी अपने स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग उठाई थी। 21 और 22 सितंबर को भोपाल में आयुष इंटर्न डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, डॉक्टरों की मांग है कि उनका स्टाइपेंड MBBS इंटर्न के बराबर किया जाए।
आयुष इंटर्न डॉक्टरों की ओर से 21,500 रुपये प्रति माह स्टाइपेंड की मांग रखी गई थी। डॉक्टरों का कहना है कि मध्य प्रदेश में उन्हें मिलने वाली मौजूदा राशि कई अन्य राज्यों की तुलना में कम है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी नई स्टाइपेंड राशि घोषित नहीं की गई है। मुख्यमंत्री ने सिर्फ बढ़ोतरी के लिए निर्देश देने और जल्द निर्णय होने की बात कही है। फिलहाल मध्य प्रदेश में आयुर्वेद इंटर्न डॉक्टरों को हर महीने 9,383 रुपये स्टाइपेंड मिलता है।
आयुर्वेद दिवस पर कई योजनाओं की शुरुआत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय में 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान आयुष क्षेत्र से जुड़ी कई जनकल्याणकारी पहलों की शुरुआत के साथ विभाग के अलग-अलग विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया गया।
कार्यक्रम में आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि दुनिया आयुर्वेद से जुड़ रही है। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने खान-पान को संतुलित रखने पर ध्यान देना चाहिए। मंत्री ने बताया कि अगले तीन साल में प्रदेश में 9 नए आयुर्वेदिक महाविद्यालय संचालित किए जाने की दिशा में काम चल रहा है। प्रदेश के 27 केंद्रों पर योग की क्लास शुरू होने की जानकारी भी दी गई।
सिकल सेल के इलाज पर भी जोर
इंदर सिंह परमार ने बताया कि ट्राइबल क्षेत्रों में सिकल सेल बीमारी के लिए आयुर्वेदिक दवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने 2047 तक सिकल सेल से मुक्ति के लक्ष्य की बात कही। इसी दौरान उन्होंने इंटर्नशिप कर रहे आयुर्वेद विद्यार्थियों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग भी मुख्यमंत्री के सामने रखी।
'घर की रसोई सेआयुर्वेद की शुरुआत'
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद की शुरुआत घर की रसोई से होती है। स्वस्थ रहने के लिए खान-पान और दिनचर्या में संतुलन जरूरी है। उन्होंने कहा कि जहां बीमारी है, वहां उसका समाधान भी मौजूद है और आयुर्वेद ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपनी अलग जगह बनाई है।
राष्ट्रीय स्तर पर भी 23 सितंबर को 11वां आयुर्वेद दिवस मनाया जा रहा है। केंद्र सरकार के अनुसार इस वर्ष का विषय "स्वास्थ्यवर्धक भविष्य के लिए आयुर्वेद" रखा गया है। देशभर में आयुर्वेद को लेकर हजारों गतिविधियां आयोजित की गई हैं।
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