भोपाल में 8वीं पास ने खोली 'चोरी की पाठशाला', नाबालिगों को ट्रेनिंग के बाद भेजता था; कई राज्यों में 70 से ज्यादा केस दर्ज
पुलिस अब पप्पू से उसके पुराने मामलों और चोरी के नेटवर्क से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
MP News: जबलपुर पुलिस ने चोरी के एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसमें युवाओं और नाबालिगों को चोरी करने के लिए बकायदा ट्रेनिंग दी जा रही थी। पुलिस के मुताबिक इस पूरे नेटवर्क का सरगना आरोपी पप्पू मल्लाह उर्फ चकमा है। वह भोपाल में किराए का मकान लेकर युवाओं को चोरी के तरीके सिखाता था। पुलिस का दावा है कि यहां चोरी की तैयारी से लेकर वारदात को अंजाम देने तक की जानकारी दी जाती थी।
8वीं पास 'चकमा' पर 70 से ज्यादा केस दर्ज
पुलिस के मुताबिक पप्पू आठवीं तक पढ़ा है और उसके खिलाफ जबलपुर समेत दूसरे राज्यों में चोरी के 70 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। वह खुद हर वारदात में शामिल होने के बजाय प्रशिक्षित युवाओं को चोरी के लिए भेजता था और दूर रहकर पूरी गतिविधि पर नजर रखता था।
हर रोज चोरी की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाती थी
जांच में पुलिस को पता चला कि पप्पू के ठिकाने पर रोज करीब 3 से 4 घंटे तक युवाओं की क्लास लगती थी। इसमें उन्हें बताया जाता था कि बंद मकानों की पहचान कैसे करें, किसी घर की पहले से निगरानी कैसे रखें और चोरी के दौरान किन बातों का ध्यान रखें।
पुलिस का कहना है कि केवल बातें ही नहीं समझाई जाती थीं, बल्कि चोरी से जुड़े तरीकों का प्रैक्टिकल भी कराया जाता था। ताला तोड़ने, पुलिस या मकान मालिक के पहुंचने पर वहां से निकलने और पहचान छिपाने जैसे तरीके भी सिखाए जाने की जानकारी सामने आई है।
सरगना की पत्नी करती थी मकानों की निगरानी
पुलिस के मुताबिक इस नेटवर्क में पप्पू की पत्नी दीक्षा भी सक्रिय थी। वह कॉलोनियों में घूमकर ऐसे मकानों पर नजर रखती थी, जो लंबे समय से बंद पड़े हों। पहले दिन में इलाके की जानकारी जुटाई जाती थी। इसके बाद रात में दोबारा देखा जाता था कि मकान मालिक वापस आया है या नहीं। घर खाली होने की पुष्टि के बाद पप्पू को जानकारी देती थी। इसके बाद ट्रेनिंग पूरी करने वाले युवकों को रात के समय चोरी के लिए भेजा जाता था। आमतौर पर रात 2 से 4 बजे के बीच वारदात को अंजाम दिया जाता था.
तिलवारा की चोरी के बाद से था फरार
पुलिस के मुताबिक 22 मार्च 2026 की रात अर्नव विहार कॉलोनी के पास एक सूने मकान में चोरी हुई थी। इस मामले में करीब 10 लाख रुपये के जेवर और अन्य सामान चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। तिलवारा थाने में BNS की धारा 331, 305 और 317 के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस केस में दीक्षा, एक युवक और दो नाबालिगों को गिरफ्तार किया था। बाद में दीक्षा को कोर्ट से जमानत मिल गई थी। पप्पू तभी से फरार चल रहा था।
पुराने भोपाल से पकड़ा गया पप्पू
तिलवारा पुलिस ने रविवार को पप्पू को पुराने भोपाल से गिरफ्तार किया। पुलिस के पहुंचने से पहले उसके साथ ट्रेनिंग लेने वाले कुछ युवक वहां से निकल गए थे। अब पुलिस उनकी तलाश के साथ इस नेटवर्क से जुड़ी अन्य चोरी की घटनाओं की जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने पप्पू की पत्नी दीक्षा और उसके तीन अन्य साथियों को भी गिरफ्तार किया है। पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क में कितने लोग जुड़े थे और मध्य प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों में हुई चोरी की घटनाओं में इनकी क्या भूमिका रही।
पुलिस अब पप्पू से उसके पुराने मामलों और चोरी के नेटवर्क से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

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