'मुझे हेल्प चाहिए, 48 हजार भेज दो', रीवा की एडिशनल SP का WhatsApp हैक; अधिकारियों-पत्रकारों से मांगे पैसे
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सिर्फ पत्रकारों को ही संदेश भेजे गए या भावना मरावी के अन्य संपर्कों को भी निशाना बनाया गया। फिलहाल किसी आरोपी की पहचान या गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है।
MP News: मध्य प्रदेश के रीवा में साइबर सुरक्षा से जुड़ा हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एडिशनल एसपी भावना मरावी का WhatsApp अकाउंट हैक होने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि उनके WhatsApp नंबर से कुछ पत्रकारों को पैसे मांगने वाले मैसेज भेजे गए। जब पत्रकारों ने इस बारे में पुलिस अधिकारी से संपर्क किया तो मामले का पता चला। इसके बाद साइबर पुलिस को सूचना दी गई और तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है।
मोबाइल हैक किए बिना ही WhatsApp से मैसेज भेजा
मामले में खास बात यह है कि भावना मरावी ने साफ किया कि उनका मोबाइल फोन हैक नहीं हुआ था, बल्कि WhatsApp अकाउंट तक किसी दूसरे व्यक्ति ने पहुंच बनाई। इसके बाद उनके नंबर का इस्तेमाल करके दूसरे लोगों को संदेश भेजे गए। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अकाउंट तक अनधिकृत पहुंच किस तरह बनाई गई और इसके पीछे कौन लोग हैं।
पत्रकारों को आया पैसे भेजने का मैसेज
जानकारी के मुताबिक, भावना मरावी के WhatsApp नंबर से जुड़े कुछ पत्रकारों के पास पैसे मांगने वाले संदेश पहुंचे। चूंकि संदेश एक ऐसे नंबर से आया था जो पहले से पुलिस अधिकारी के नाम से सेव था, इसलिए शुरुआत में इसकी सत्यता को लेकर भ्रम की स्थिति बनी। जब पत्रकारों ने फोन या दूसरे माध्यम से भावना एएसपी मरावी से संपर्क किया तो सामने आया कि उन्होंने इस तरह के मैसेज खुद नहीं भेजे थे। इसके बाद WhatsApp अकाउंट के साथ छेड़छाड़ की आशंका सामने आई।
मामले की जानकारी मिलने के बाद WhatsApp को अनइंस्टॉल कर दिया गया। साथ ही साइबर पुलिस को शिकायत दी गई। अब जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि हैकर्स ने अकाउंट पर किस तरीके से नियंत्रण हासिल किया और कितने लोगों को ऐसे मैसेज भेजे गए।
पुलिस की गिरफ्त से साइबर ठग दूर
साइबर पुलिस इस मामले में WhatsApp अकाउंट की तकनीकी जानकारी, लॉगिन और अन्य डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है। जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि अकाउंट का इस्तेमाल करके किन-किन लोगों से संपर्क किया गया।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सिर्फ पत्रकारों को ही संदेश भेजे गए या भावना मरावी के अन्य संपर्कों को भी निशाना बनाया गया। फिलहाल किसी आरोपी की पहचान या गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है।
ASP का WhatsApp अकाउंट हैक होने के बाद चिंता बढ़ी
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब WhatsApp अकाउंट पर कब्जा करने के मामले लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। केंद्र सरकार के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने भी WhatsApp अकाउंट टेकओवर से जुड़े साइबर फ्रॉड के तरीकों को लेकर चेतावनी दी है। ऐसे मामलों में ठग किसी व्यक्ति के अकाउंट तक पहुंच बनाकर उसके संपर्कों को उसी पहचान से संदेश भेज सकते हैं।
पैसे मांगने वाले मैसेज से रहें सावधान
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी परिचित व्यक्ति के WhatsApp नंबर से अचानक पैसे मांगने का मैसेज आए तो तुरंत रकम ट्रांसफर न करें। पहले संबंधित व्यक्ति को फोन करके इसकी पुष्टि करनी चाहिए। खासकर अगर मैसेज में जल्द से जल्द पैसे भेजने, किसी लिंक पर क्लिक करने या किसी फाइल को डाउनलोड करने के लिए कहा गया हो तो अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। I4C भी ऐसे मामलों में भुगतान से पहले अलग माध्यम से सामने वाले व्यक्ति की पहचान और निर्देश की पुष्टि करने की सलाह देता है।
फिलहाल रीवा में सामने आए इस मामले की साइबर पुलिस जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगा कि WhatsApp अकाउंट तक पहुंच कैसे बनाई गई और पत्रकारों को पैसे मांगने वाले संदेश भेजने के पीछे कौन था।
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