कटनी में सरकारी स्कूल के बच्चों की फर्राटेदार अंग्रेजी! खुश होकर कलेक्टर ने नन्हीं अनुष्का को गोद में उठाकर दुलारा
कलेक्टर ने दीपांशु से 4 का पहाड़ा सुनाने के लिए कहा। छात्र ने पूरा पहाड़ा सुनाया। वहीं अनुष्का से 2 का पहाड़ा पूछा गया, जिसका उसने जवाब दिया। बच्चों की तत्परता पर कलेक्टर ने उनका उत्साह बढ़ाया।
MP News: कटनी में सरकारी स्कूल के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर आशीष तिवारी की बच्चों के साथ हुई बातचीत चर्चा में है। कलेक्टर शासकीय प्राथमिक विद्यालय इंद्रानगर में निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। यहां उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई और रुचियों को लेकर सवाल किए। इस दौरान कक्षा-3 की छात्रा अनुष्का ने अंग्रेजी में अपने पसंदीदा रंग का जवाब दिया। बच्ची के आत्मविश्वास को देखकर कलेक्टर ने उसकी हौसला-अफजाई की और उसको गोद में लेकर दुलारा। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं।
दीपांशु ने भी अंग्रेजी में दिया जवाब
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने केवल एक-दो बच्चों से बातचीत नहीं की, बल्कि उनकी पढ़ाई की बुनियादी समझ जानने के लिए अलग-अलग सवाल भी पूछे। कक्षा में मौजूद दूसरे बच्चों से भी कलेक्टर ने बातचीत की। कक्षा-2 के छात्र दीपांशु से उसके पसंदीदा रंग के बारे में पूछा गया। उसने भी अंग्रेजी में जवाब दिया। बच्चों के जवाब सुनने के बाद कलेक्टर ने उन्हें नियमित रूप से पढ़ाई करने और आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद बच्चों की गणित की तैयारी भी जांची गई। कलेक्टर ने दीपांशु से 4 का पहाड़ा सुनाने के लिए कहा। छात्र ने पूरा पहाड़ा सुनाया। वहीं अनुष्का से 2 का पहाड़ा पूछा गया, जिसका उसने जवाब दिया। बच्चों की तत्परता पर कलेक्टर ने उनका उत्साह बढ़ाया।
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत स्कूलों का निरीक्षण
यह निरीक्षण मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत शासकीय प्राथमिक विद्यालय इंद्रानगर में किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने बच्चों की शैक्षणिक स्थिति के साथ स्कूल की व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली। निरीक्षण में कलेक्टर आशीष तिवारी के साथ पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा, जिला पंचायत सीईओ हरिसिमरनप्रीत कौर और डीएफओ गर्वित गंगवार मौजूद रहे।
बच्चों ने पूरे आत्मविश्वास से दिया जवाब
स्कूल निरीक्षण के दौरान बच्चों के साथ सीधे संवाद का मकसद उनकी पढ़ाई के स्तर और समझ को जानना भी रहा। अनुष्का और दीपांशु के अंग्रेजी में जवाब देने के बाद कलेक्टर ने उनका हौसला बढ़ाया। इससे कक्षा में मौजूद दूसरे बच्चों को भी सवालों का जवाब देने के लिए प्रोत्साहन मिला।
अंग्रेजी और गणित के सवालों के जवाब ने सभी का ध्यान खींचा
कलेक्टर के इस स्कूल दौरे में बच्चों के साथ हुआ संवाद खास तौर पर चर्चा में आया। अंग्रेजी में जवाब देने और पहाड़े सुनाने वाले बच्चों को मौके पर ही प्रोत्साहन मिला। अब इस तरह के निरीक्षणों से स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता और बच्चों की सीखने की स्थिति की नियमित समीक्षा पर भी ध्यान रहेगा।

