इंदौर में सिंहस्थ विकास कार्यों का CM मोहन यादव ने जायजा लिया, बोले- बड़ी संख्या में श्रद्धालु आएंगे, ट्रैफिक व्यवस्था पर फोकस
सरकार की ओर से सिंहस्थ से जुड़े सभी प्रमुख कामों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। अप्रैल में मुख्यमंत्री ने भी सिंहस्थ से संबंधित प्रस्तावित कार्यों को 2027 की दीपावली तक पूरा करने का लक्ष्य रखने की बात कही थी।
MP News: उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को लेकर तैयारियां लगातार आगे बढ़ रही हैं। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को उज्जैन दौरे के दौरान धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसके साथ शहर में चल रहे विकास कार्यों का भी जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने माधवनगर क्षेत्र में जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक तपागच्छ श्री संघ और उपाश्रय ट्रस्ट के नए भवन का भूमिपूजन किया। इसके बाद उन्होंने सिंहस्थ से जुड़े निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।
‘तीन धाम, एक मुकाम’ की अवधारणा से बनेगा मंदिर
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में भगवान शीतलनाथ स्वामी के दर्शन और पूजन-अर्चन किया। नए उपाश्रय भवन में धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां ‘तीन धाम, एक मुकाम’ की अवधारणा के तहत मणिभद्र भगवान के मंदिर का निर्माण प्रस्तावित है। इसके साथ ई-लाइब्रेरी भी बनाई जाएगी।
महावीर के संदेशों को लेकर चर्चा की
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भगवान महावीर के संदेशों का उल्लेख किया। उन्होंने अहिंसा, संयम, त्याग और करुणा जैसे विचारों को जीवन में अपनाने की बात कही। कार्यक्रम में जैन समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
इसके बाद मुख्यमंत्री सिंहस्थ की तैयारियों से जुड़े काम देखने के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचे। उन्होंने नीलगंगा से नानाखेड़ा चौराहे तक सड़क चौड़ीकरण और अन्य निर्माण कार्यों की स्थिति देखी। इस दौरान अधिकारियों से काम की प्रगति और आगे की योजना की जानकारी ली गई।
नीलगंगा-नानाखेड़ा मार्ग पर भी फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे। ऐसे में शहर के अंदर यातायात व्यवस्था को सुचारु रखना महत्वपूर्ण होगा। नीलगंगा-नानाखेड़ा मार्ग को आगे एलिवेटेड ब्रिज से जोड़ने की योजना भी बताई गई है। इससे इस हिस्से में यातायात को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सिंहस्थ की तैयारियों में केवल सड़क और पुल ही नहीं, बल्कि घाट, पेयजल, पार्किंग, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं को भी शामिल किया जा रहा है। जून में हुई एक समीक्षा बैठक में सरकार ने सिंहस्थ से जुड़े 17 नए विकास कार्यों के लिए 491.66 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी। बैठक में घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों और पार्किंग व्यवस्था को साथ-साथ विकसित करने के निर्देश भी दिए गए थे।
समय सीमा में काम पूरा करने पर दिया जोर
सिंहस्थ की तैयारियों के तहत उज्जैन में कई बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें नए पुल, सड़कें, घाट, कान्ह डायवर्शन और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। अधिकारियों ने छह प्रमुख पुलों को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य बताया है। वहीं कान्ह डायवर्शन परियोजना को सितंबर 2027 तक पूरा करने की योजना है।
सरकार की ओर से सिंहस्थ से जुड़े सभी प्रमुख कामों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। अप्रैल में मुख्यमंत्री ने भी सिंहस्थ से संबंधित प्रस्तावित कार्यों को 2027 की दीपावली तक पूरा करने का लक्ष्य रखने की बात कही थी।

