ग्वालियर में ड्राई फ्रूट समझकर जहरीला फल खा गए बच्चे, 13 की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती; भंडारा खाकर लौट रहे थे
कुछ बच्चों की हालत ज्यादा खराब होने पर उन्हें आईसीयू में भी रखा गया। डॉक्टर लगातार बच्चों की हालत पर नजर बनाए हुए हैं।
MP News: ग्वालियर में एक साथ कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के सिरसौद गांव में रविवार को भंडारे से लौट रहे बच्चों ने रास्ते में रतनजोत का फल खा लिया। इसके कुछ समय बाद बच्चों को उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चक्कर और घबराहट जैसी शिकायत होने लगी। कुल 15 बच्चों के बीमार होने की जानकारी सामने आई है। इनमें से 13 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बताया जा रहा है कि बच्चे भंडारे से खाना खाकर घर की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर खेत के किनारे लगे रतनजोत के पौधे पर पड़ी। बच्चों ने ड्राई फ्रूट की चीज समझकर तोड़ लिया और आपस में बांटकर खा लिया। कुछ देर बाद जब बच्चों की तबीयत खराब होने लगी तो परिवार के लोगों को घटना की जानकारी हुई।
पेट दर्द के बाद उल्टी होने लगी
परिजनों के मुताबिक बच्चों को पहले पेट में दर्द और उल्टी की शिकायत हुई। इसके बाद कुछ बच्चों को दस्त, चक्कर और घबराहट होने लगी। एक साथ कई बच्चों के बीमार पड़ने से गांव में चिंता का माहौल बन गया। परिजनों ने तत्काल बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
जानकारी के मुताबिक बच्चों को पहले मुरार के जिला अस्पताल ले जाया गया। यहां से उन्हें आगे इलाज के लिए ग्वालियर के कमला राजा अस्पताल भेजा गया। 13 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कर डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। बीमार बच्चों की उम्र करीब 5 से 16 वर्ष के बीच बताई गई है।
कुछ बच्चों को ICU में रखा गया
रिपोर्ट के मुताबिक कुछ बच्चों की हालत ज्यादा खराब होने पर उन्हें आईसीयू में भी रखा गया। डॉक्टर लगातार बच्चों की हालत पर नजर बनाए हुए हैं। अस्पताल में बच्चों की हृदय गति, ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन स्तर की जांच की जा रही है। समय पर इलाज मिलने के बाद अधिकांश बच्चों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार रतनजोत का फल खाने योग्य नहीं है। इसके सेवन से शरीर में जहरीले असर की स्थिति बन सकती है। इसी वजह से उल्टी, दस्त, पेट दर्द, कमजोरी और डिहाइड्रेशन जैसी परेशानी हो सकती है।
बच्चों के खाने पर ध्यान देना जरूरी
डॉक्टरों ने अभिभावकों से कहा है कि बच्चों को किसी भी अनजान फल, बीज या पौधे का हिस्सा खाने से रोकें। खेत, जंगल या खुले स्थानों पर खेलते समय बच्चों को खास तौर पर समझाना जरूरी है कि बिना पहचान के कोई फल न खाएं। अगर गलती से कोई अनजान फल खा लिया जाए और तबीयत बिगड़ने लगे तो घरेलू इलाज में समय गंवाने के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए। फिलहाल अस्पताल में भर्ती बच्चों का इलाज जारी है और डॉक्टर उनकी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
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