सूरत में साईराम युवक मंडल का 29वां भव्य गणेशोत्सव, ‘सूर्य कोणार्क मंदिर’ की थीम
सूरत के भटार-अलथाण में साईराम युवक मंडल का 29वां गणेशोत्सव, सूर्य कोणार्क मंदिर थीम, 76 किलो केक और सामाजिक समरसता कार्यक्रम होंगे खास आकर्षण।

सूरत । सूरत के अलथाण-भटार रोड स्थित सब्जी मार्केट के पास कम्युनिटी हॉल में साईराम युवक मंडल की ओर से 29वें वर्ष भव्य गणेशोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। ‘मन्नत का राजा’ के नाम से प्रसिद्ध इस गणेश मंडल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
29वें वर्ष ‘सूर्य कोणार्क मंदिर’ की थीम
इस वर्ष गणेश पंडाल को ओडिशा के प्रसिद्ध सूर्य कोणार्क मंदिर की थीम पर तैयार किया गया है। मंडल के आयोजक कमल मेवावाला के अनुसार, पंडाल में विशेष सजावट के साथ श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक माहौल तैयार किया गया है।
मान्यता के अनुसार, श्रद्धालु यहां गणपति बप्पा से अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते हैं। उत्सव के अंतिम दो दिनों में बड़ी संख्या में भक्त गणेशजी के कान में अपनी इच्छा बताते हैं।
मन्नत पूरी होने पर चढ़ाते हैं मंगलमूर्ति
साईराम युवक मंडल के गणेशोत्सव की एक खास परंपरा मन्नत पूरी होने के बाद गणेशजी को मंगलमूर्ति अर्पित करना है। श्रद्धालु मंगलमूर्ति के साथ सोने-चांदी के आभूषण और नगीने के हार भी अर्पित करते हैं। आयोजकों के मुताबिक, हर वर्ष भक्तों की ओर से करीब 80 से 100 तक मंगलमूर्तियां अर्पित की जाती हैं। पिछले वर्ष 96 मंगलमूर्तियां चढ़ाई गई थीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर 76 किलो का केक
गणेशोत्सव के दौरान 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर मंडल की ओर से विशेष आयोजन किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, प्रधानमंत्री के 76वें वर्ष में प्रवेश के उपलक्ष्य में 76 किलो का केक काटा जाएगा।
इसके साथ ही सफाई कर्मचारियों, किन्नर समाज और हिंदू, मुस्लिम, सिख एवं ईसाई समुदाय के लोगों की ओर से विशेष महाआरती का आयोजन किया जाएगा। आयोजन के जरिए सामाजिक समरसता का संदेश देने की बात मंडल की ओर से कही गई है।
कई बड़े नेता कर चुके हैं गणपति के दर्शन
साईराम युवक मंडल के गणेशोत्सव का इतिहास भी खास बताया जाता है। आयोजकों के अनुसार, वर्ष 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी यहां गणपति बप्पा के दर्शन करने पहुंचे थे।
इसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल और विजयभाई रूपाणी के साथ वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी इस पंडाल में दर्शन कर चुके हैं। आयोजकों का दावा है कि गुजरात के सभी मुख्यमंत्री इस गणेशोत्सव में गणपति के दर्शन कर चुके हैं।
दस दिनों तक भक्ति के साथ समाजसेवा
दस दिवसीय गणेशोत्सव के दौरान मंडल की ओर से धार्मिक आयोजनों के साथ सामाजिक गतिविधियां भी की जाएंगी। प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा बच्चों के लिए नोटबुक वितरण और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने वाली विभिन्न महाआरतियों का आयोजन होगा। मंडल का कहना है कि गणेशोत्सव को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए समाजसेवा और सामाजिक एकता का संदेश देने का प्रयास किया जाता है।




