'जब बाबूलाल गौर ने मोदी जी से पूछा था...',शिवराज सिंह चौहान ने PM मोदी के सुनाए पुराने किस्से
शिवराज ने कहा, 'गुजरात के अमरेली के सांसद दिलीप भाई संघानी के सरकारी घर में मैंने देखा कि मोदी जी एक छोटे से कमरे में तल्लीनता से बैठे कम्प्यूटर पर काम कर रहे थे।'
Shivraj Singh Chauhan On PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर देश और दुनिया के तमाम बड़ी हस्तियों ने उन्हें बधाई दी है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं देते हुए उनसे जुड़े कई किस्से साझा किए हैं। शिवराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी किसी भी कार्यकर्ता को नहीं भूलते और सभी का सम्मान करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी दूरदृष्टि वाले नेता हैं। जब दूसरे नेता आधुनिक तकनीक का मजाक उड़ाते थे, तब से ही उन्होंने तकनीक को आत्मसात करना शुरू कर दिया था।
'छोटे से कमरे में बैठकर काम कर रहे थे मोदी जी'
शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक वीडियो शेयर किया है। इसमें केंद्रीय मंत्री प्रधानमंत्री मोदी के 90 के दशक से जुड़े कुछ किस्सों को लेकर बात की है। शिवराज ने कहा, 'बात उन दिनों की है, जब एकता यात्रा समाप्त हुई थी। उसके बाद मुझे मोदी जी से मिलना था। गुजरात के अमरेली के सांसद दिलीप भाई संघानी के सरकारी घर में मैंने देखा कि मोदी जी एक छोटे से कमरे में तल्लीनता से बैठे कम्प्यूटर पर काम कर रहे थे। यह देखकर मैं हैरान रह गया। कई लोग आधुनिक तकनीक का मजाक उड़ा रहे थे। लेकिन मोदी जी समय से पहले चीजों को देख लेते हैं। उनको पता था कि देश की प्रगति और जनता के विकास के लिए आधुनिक तकनीक कितनी महत्वपूर्ण है।
जब बाबूलाल गौर ने पूछा- ये ईमेल, फीमेल से क्या होने वाला है
शिवराज सिंह ने कहा, '1998 में मोदी जी एक बार एमपी आए थे, तब उन्हें एमपी का चुनाव प्रभारी बनाया गया था। उन्होंने सभी के साथ बैठक की थी। बैठक में मोदी जी ने पूछा था कि ईमेल आईडी किसके-किसके पास है। इस पर बैठक में मौजूद स्वर्गीय बाबूलाल गौर जो कि बाद में प्रदेश के मुख्यमंत्री भी बने, उन्होंने मोदी जी से कहा कि ये ईमेल-फीमेल से क्या होने वाला है। इस पर वे हंस दिए। लेकिन मोदी जी उसी समय से दूरदृष्टि रखने वाले थे। वे भविष्य के बारे में कवेल सोच नहीं रही थे, बल्कि ये देख रहे थे कि भविष्य किसमे है। जब राष्ट्रहित सर्वोपरि होता है, तो उसके साधन महत्वपूर्ण होते हैं। बड़े नेता दूरदृष्टा होते हैं मोदी जी के पास दूरदृष्टि है। जिसे देखकर मुझे गर्व होता है।'
'कार्यकर्ताओं को सम्मानित करने के लिए अभियान कमलपुष्प चलाया'
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'भारतीय जनसंघ से प्रारंभ हुई राजनीतिक यात्रा, जो जनता पार्टी से होते हुए भारतीय जनता पार्टी तक पहुंची। जो कि अब यह विशाल वट वृक्ष है। यहां तक पहुंचाने के लिए लाखों कार्यकर्ता हैं। उन्होंने संगठन का काम करने के लिए सर्वस्व समर्पित कर दिया है। कांग्रेस के अनेक अत्याचार सहे। इमरजेंसी झेली। तब कल्पना भी नहीं की जा सकती थी कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी। लेकिन जिद, जुनून के साथ खुद को सौंप दिया। समय के साथ लोग इन कार्यकर्ताओं को भूलते गए, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी नहीं भूले। उन्होंने अभियान 'कमलपुष्प' चलाया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यकर्ताओं को ढूंढो जिन्होंने पार्टी को खड़ा किया। कार्यकर्ताओं को ढूंढकर उनका सम्मान करो। कार्यकर्ता 'कमलपुष्प' को ढूंढने में जुट गए।
'103 साल के नेता का सम्मान करने पर सभी की आंखें नम हो गईं'
शिवराज ने आगे कहा, 'प्रधानमंत्री के आह्वान पर हम लोगों ने कमलपुष्पों को ढूंढा। ऐसे कार्यकर्ताओं को ढूंढकर उनकी कहानी छापी। ये हमारी विरासत का ग्रंथ है। इनमें से कई सोचकर बैठे थे कि भाजपा हमको भूल गई है। लेकिन जब सम्मान दिया गया तो उनकी आंखें भर गईं। ऐसे ही कार्यकर्ता लक्ष्मी नारायण गुप्ता और माखन सरकार थे। एक बार मैं मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री था, प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम भोपाल में बना था। जनजाति गौरव दिवस का कार्यक्रम था। उन्होंने कहा कि मुझे ऐसे कार्यकर्ता का सम्मान करना है। लक्ष्मी नारायण गुप्ता की उम्र 103 साल थी। बरसों से मुख्यधारा में नहीं जुड़े थे और लोग भूल चुके थे. लक्ष्मी नारायण जी को हमने बुलाया तो उनको भरोसा नहीं हुआ। लेकिन जब हमने सम्मान किया तो वे बहुत खुश हुए। सम्मान समारोह में जब गुप्ता जी ने उठने की कोशिश की तो प्रधानमंत्री ने रोक दिया और सीधे उनके चरणों में झुक गए। भारत के प्रधानमंत्री चरणों में झुक रहे हैं। देखकर लोग आश्चर्यचकित हो गए। मेरे जैसे कार्यकर्ता भावुक हो गए। पीएम की आंखे भी नम थीं.
'बंगाल में जीत के बाद कार्यकर्ताओं का सम्मान हुआ'
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'यही दृश्य हमने बंगाल में सरकार बनने के बाद देखा। पूरा केंद्रीय नेतृत्व, राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, संगठन के नेता, बंगाल के हजारों-हजार कार्यकर्ता और सारा देश इस दृश्य को देख रहा था। प्रधानमंत्री ने कहा माखन सरकार का सम्मान करूंगा। आदरणीय माखन सरकार मंच पर आए। पीएम ने उनका सम्मान किया और उनके चरण छुए। सभी की आंखे नम थीं। वो भावुक पल मैं भूल नहीं सकता हूं। सचमुच में यह अदुभत है।'
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