जर्जर बिल्डिंग तोड़ते समय दूसरे मकान की दीवार गिरी; इंदौर में मलबे में दबकर 4 महिलाओं की मौत, 5 घायल
हादसे के बाद जर्जर इमारत को गिराने की प्रक्रिया और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक जिस भवन को हटाया जा रहा था, उसकी हालत पहले से खराब थी और उसका कुछ हिस्सा पहले भी क्षतिग्रस्त हो चुका था।
MP News: मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के सांवेर में बुधवार को जर्जर मकान को गिराने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। मलबे में दबकर 4 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 5 लोग घायल हो गए। वहीं मलबे में दबे 2 लोगों को रेस्क्यू किया गया। पुरानी इमारत को तोड़ने के दौरान अचानक दूसरे मकान की दीवार का एक हिस्सा भरभराकर नीचे आ गिरा था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। वहीं घायलों को अस्पताल को पहुंचाया गया है।
संभलने का नहीं मिला मौका
हादसा सांवेर के टेंशन चौराहे के आसपास हुआ। यहां एक पुरानी और जर्जर इमारत को हटाने का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक पास की दीवार गिर गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ ही सेकंड में बड़ी मात्रा में मलबा नीचे आ गया और वहां काम कर रहे लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला।
घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
हादसे के बाद राहत और बचाव दल ने मलबा हटाने का काम शुरू किया। शुरुआती रिपोर्टों में तीन महिलाओं की मौत और चार लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद की रिपोर्टों में मृतकों की संख्या चार और घायलों की संख्या पांच तक बताई गई है। यानी घटनास्थल से सामने आ रही जानकारी में लगातार अपडेट हुआ है।
मृतकों में सांवेर निवासी सुशीला, रीना और सीमा समेत अन्य महिला के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। वहीं घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक घायलों को एमवाय अस्पताल रेफर किया गया, जबकि एक घायल महिला का उपचार सांवेर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया।
पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, प्रशासन और नगर परिषद का अमला मौके पर पहुंच गया। आसपास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे। मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए बचाव अभियान चलाया गया।
रेस्क्यू के दौरान जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से मलबा हटाया गया। पुलिस ने घटनास्थल पर भीड़ को नियंत्रित किया, ताकि राहत कार्य में परेशानी न हो। अधिकारियों ने यह भी जांच शुरू की कि हादसे के समय वहां कितने मजदूर मौजूद थे और मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के दबे होने की संभावना तो नहीं है।
जर्जर भवन की हालत पर उठे सवाल
हादसे के बाद जर्जर इमारत को गिराने की प्रक्रिया और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, जिस भवन को हटाया जा रहा था, उसकी हालत पहले से खराब थी और उसका कुछ हिस्सा पहले भी क्षतिग्रस्त हो चुका था। स्थानीय स्तर पर भवन खाली कराने को लेकर कार्रवाई किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि हादसे की जिम्मेदारी और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन घटना की परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि मकान तोड़ने के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए थे या नहीं। हादसे में जान गंवाने वाली महिलाओं के परिवारों में मातम पसरा है, जबकि घायलों का उपचार जारी है।
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