PM मोदी के जन्मदिन पर प्रदेशभर में रक्तदान अभियान, CM मोहन यादव जेपी अस्पताल पहुंचे; कहा- ये जीवन का सबसे बड़ा दान
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन से शुरू हुआ सेवा संकल्प अभियान एक तरफ रक्तदान और ग्रामीण संपत्ति के पंजीयन जैसे कार्यक्रमों पर केंद्रित है, तो दूसरी ओर प्रदेश की राजनीति में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर बयानबाजी भी तेज हो गई है।
MP News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर मध्यप्रदेश में सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत हो गई है। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में जनसेवा से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को प्रदेशभर में रक्तदान शिविर लगाए गए। वहीं ग्रामीणों को संपत्ति का मालिकाना हक दिलाने के लिए स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 की भी शुरुआत की गई।
290 से ज्यादा स्थानों पर रक्तदान शिविर
सेवा संकल्प अभियान के तहत बीजेपी के आह्वान पर प्रदेश में करीब 290 से ज्यादा स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल के जेपी अस्पताल पहुंचे और रक्तदान अभियान में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान उन्हें जानकारी दी गई कि अब तक प्रदेश में 6744 यूनिट रक्तदान हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्तदान जीवन बचाने में सीधे मदद करता है। उन्होंने इसे जीवन का सबसे बड़ा दान बताते हुए लोगों से स्वेच्छा से रक्तदान करने की अपील की। सरकार की ओर से भी अभियान के तहत ज्यादा से ज्यादा लोगों को रक्तदान से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने भी लोगों से रक्तदान अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की थी।
50 लाख से ज्यादा ग्रामीणों की मुफ्त रजिस्ट्री
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए भी बड़ी योजना शुरू की गई है। स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 के तहत 50 लाख से ज्यादा ग्रामीणों की निजी संपत्तियों का मुफ्त पंजीयन कराया जाएगा। सरकार स्टांप और रजिस्ट्रेशन से जुड़ा पूरा खर्च उठाएगी।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 41 हजार 568 गांवों में 68.47 लाख अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं। पात्र ग्रामीणों को उनकी संपत्ति से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। अभियान के दौरान चरणबद्ध तरीके से पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यह योजना खास तौर पर उन ग्रामीण परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है, जिनके पास अपनी संपत्ति का स्पष्ट कानूनी दस्तावेज नहीं है। रजिस्ट्री होने के बाद उन्हें संपत्ति से जुड़े अधिकारों का सरकारी रिकॉर्ड मिल सकेगा।
‘छात्रों की गूंज’ पर CM का पटवारी को जवाब
इधर इंदौर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के बीच बयानबाजी भी जारी है। राहुल गांधी का कार्यक्रम 19 सितंबर को प्रस्तावित है और कांग्रेस की ओर से इसे युवाओं और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर संवाद का कार्यक्रम बताया गया है। स्टेडियम में कार्यक्रम के लिए 10 लाख रुपये देने के मामले पर पटवारी के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कांग्रेस की ओर से अनुमति नहीं देने की बात कही जा रही थी और अब पैसे की बात की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अगर एक करोड़ रुपये लगाएगी तो वह भी एक करोड़ रुपये देने के लिए तैयार हैं।
'कांग्रेस का चरित्र झूठ बोलने का रहा है'
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का चरित्र झूठ बोलने का रहा है। वहीं कांग्रेस पहले ही कार्यक्रम की अनुमति और आयोजन स्थल को लेकर सरकार पर सवाल उठा चुकी है।
इस तरह प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन से शुरू हुआ सेवा संकल्प अभियान एक तरफ रक्तदान और ग्रामीण संपत्ति के पंजीयन जैसे कार्यक्रमों पर केंद्रित है, तो दूसरी ओर प्रदेश की राजनीति में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर बयानबाजी भी तेज हो गई है।
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