दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने राहुल से सुनाई आपबीती, कहा- पुलिस ने डंडे मारे और बाल पकड़कर घसीटा
आदिरा नाम की एक छात्रा ने भी अपने साथ मारपीट की जानकारी दी। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के बाद उन्हें बस में बिठाकर कनॉट प्लेस स्थित पुलिस थाने ले जाया गया। आदिरा के अनुसार थाने के बेसमेंट में सात से आठ लोगों ने उनके साथ मारपीट की।
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए कुछ छात्रों ने पुलिस पर गलत व्यवहार और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं। बुधवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इन छात्रों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान छात्रों ने बताया कि प्रदर्शन के समय उन्हें किस तरह हिरासत में लिया गया और थाने में उनके साथ क्या हुआ। राहुल गांधी ने उनकी बातें सुनीं और घटना से जुड़े वीडियो तथा दूसरे सबूत सामने लाने को कहा। इस दौरान एक छात्रा ने आरोप लगयाा कि उसके प्राइवेट पर पार्ट पर लात मारी गई।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक माहौल पहले से गर्म है। छात्र-छात्राओं ने पुलिस पर बर्बरता करने का आरोप लगाया है।
'शुरू में डर लगा, अब डर नहीं लग रहा'
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक छात्रा ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया। छात्रा ने बताया कि पुलिस ने उससे 'दिल्ली पुलिस तुम्हारी बाप है' कहने के लिए कहा। राहुल गांधी ने छात्रा से पूछा कि क्या इस दौरान उन्हें डर लगा था। छात्रा ने कहा कि शुरुआत में वह डरी हुई थीं, लेकिन अब उन्हें डर नहीं लग रहा है।
आदिरा नाम की एक छात्रा ने भी अपने साथ मारपीट की जानकारी दी। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के बाद उन्हें बस में बिठाकर कनॉट प्लेस स्थित पुलिस थाने ले जाया गया। आदिरा के अनुसार थाने के बेसमेंट में सात से आठ लोगों ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें डंडों से पीटा गया और पेट के निचले हिस्से में लात मारी गई। आदिरा ने यह भी दावा किया कि जिस जगह उनके साथ मारपीट हुई, वहां सीसीटीवी कैमरा नहीं था।
फोन छीनने और धमकी देने का भी आरोप
प्रदर्शन में शामिल रमित नाम के एक कंटेंट क्रिएटर ने भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उसका कहना था कि हिरासत में लेने के बाद उनके साथ मारपीट की गई और उनका फोन छीन लिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर महिला पुलिस अधिकारी मौजूद नहीं थीं।
छात्रों ने बताया कि हिरासत के दौरान उन्हें डराने की कोशिश की गई। उनके मुताबिक, पुलिस थाने में भी ठीक व्यवहार नहीं किया गया। इन बयानों के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ सकती है।
क्या बोले राहुल गांधी?
राहुल गांधी ने छात्रों की बात सुनने के बाद उनसे घटना से जुड़े वीडियो और अन्य सबूत साझा करने को कहा। उनका रुख इस बात पर केंद्रित रहा कि सामने आए आरोपों की जांच होनी चाहिए और यदि किसी ने गलत काम किया है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
इस मामले में दिल्ली पुलिस का पक्ष सामने आना भी जरूरी है, ताकि घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके। फिलहाल छात्रों के बयान उनके आरोपों पर आधारित हैं और जांच के बाद ही इनकी सच्चाई तय हो पाएगी।
प्रदर्शन को लेकर लगातार तनाव की स्थिति
दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारी चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठा रहे हैं। इसी बीच पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी राजनीतिक दलों ने अपनी चिंता जताई है।





