10वीं की छात्रा को ढूंढने के लिए 500 KM पीछा किया, 14 दिनों तक लड़की को लेकर अलग-अलग शहरों में घूमता रहा आरोपी
छात्रा 30 सितंबर को ग्वालियर जिले के उटीला क्षेत्र स्थित अपने घर से कोचिंग के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर तलाश शुरू की।
MP News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में कोचिंग के लिए घर से निकली 10वीं की 15 वर्षीय छात्रा को तलाशने के लिए पुलिस ने तकनीक और जमीनी जांच का सहारा लिया। करीब 14 दिन की तलाश के बाद छात्रा को इंदौर के कृष्णा नगर इलाके से सुरक्षित बरामद कर लिया गया। इस मामले में पुलिस ने इंदौर निवासी आरोपी अरुण रमेश को गिरफ्तार किया है। छात्रा को खोजने में सबसे अहम भूमिका CCTV कैमरों की फुटेज की रही। पुलिस ने अलग-अलग शहरों में मिले सुरागों को जोड़कर उसके आने-जाने का रास्ता तैयार किया।
मोबाइल बंद मिला, CCTV से शुरू हुई तलाश
छात्रा 30 सितंबर को ग्वालियर जिले के उटीला क्षेत्र स्थित अपने घर से कोचिंग के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर तलाश शुरू की। शुरुआती जांच में पुलिस को छात्रा और संदेह के दायरे में आए युवक के मोबाइल फोन बंद मिले। सोशल मीडिया से भी कोई ठोस जानकारी नहीं मिली।
इसके बाद पुलिस ने डिजिटल गतिविधियों के बजाय सार्वजनिक स्थानों पर लगे कैमरों की मदद से दोनों की आवाजाही का पता लगाने की योजना बनाई। एसडीओपी बेहट मनीष यादव और उटीला थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह सिसौदिया के नेतृत्व में टीम ने जांच आगे बढ़ाई। जिसके बाद तार से तार मिलाकर पुलिस छात्रा को ढूंढने में कामयाब हो सकी।
रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर से मिला पहला सुराग
पुलिस ने उटीला से ग्वालियर रेलवे स्टेशन तक के CCTV फुटेज देखे। इसी दौरान छात्रा एक युवक के साथ टिकट काउंटर पर दिखाई दी। जांच में सामने आया कि दोनों ने भोपाल के लिए टिकट लिया था। यह जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने अपनी तलाश का दायरा ग्वालियर से आगे बढ़ाया और भोपाल के कैमरों की फुटेज खंगाली।
भोपाल में फुटेज से पता चला कि दोनों ऑटो से नादरा बस स्टैंड पहुंचे और वहां से इंदौर जाने वाली बस में सवार हो गए। इस सुराग के बाद पुलिस टीम इंदौर पहुंची और वहां उनकी गतिविधियों का पता लगाने में जुट गई।
इंदौर में 125 से ज्यादा कैमरों की फुटेज खंगाली
इंदौर पहुंचने के बाद पुलिस ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और प्रमुख चौराहों सहित कई जगहों के 125 से अधिक CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी। इन फुटेज को आपस में मिलाकर दोनों की आवाजाही का रूट मैप तैयार किया गया। पुलिस को रोबोट चौराहे से श्रद्धा नगर होते हुए कृष्णा नगर की ओर जाने का सुराग मिला।
पुलिस जांच में सामने आया है कि युवक छात्रा को दिनभर शहर के अलग-अलग इलाकों में लेकर घूमता रहा। रात करीब 12:30 बजे वह उसे कृष्णा नगर की एक बस्ती में स्थित घर ले गया। इसके बाद पुलिस ने स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी और CCTV फुटेज के आधार पर देर रात दबिश दी। छात्रा को सुरक्षित बरामद कर लिया गया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी से पुलिस कर रही है पूछताछ
पुलिस छात्रा को ग्वालियर ले आई है। अब उसका मेडिकल परीक्षण और न्यायालय में बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया की जाएगी। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
इस पूरे मामले में पुलिस की रणनीति यह रही कि मोबाइल बंद होने के बावजूद सार्वजनिक स्थानों पर लगे कैमरों से मिले सुरागों को क्रम से जोड़ा गया। ग्वालियर से भोपाल और फिर इंदौर तक की गतिविधियों का पता लगाने के बाद टीम छात्रा तक पहुंच सकी।



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