इंदौर के कांस्टेबल के पास सवा 6 करोड़ की संपत्ति, गर्लफ्रेंड के नाम पर भी प्रॉपर्टी; 15 ठिकानों पर रेड
जांच में फिरोज खान के परिवार से जुड़े कारोबारी मामलों की जानकारी भी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक फिरोज की मां और पत्नी के नाम पर ट्रेडिंग फर्म होने की बात कही गई है। इसके साथ ही एक महिला मित्र के नाम पर संपत्ति होने की जानकारी भी सामने आई है।
MP News: इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने हेड कॉन्स्टेबल फिरोज खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। 14 अक्टूबर 2026 को हुई इस कार्रवाई में लोकायुक्त की टीम ने इंदौर और देवास में कुल 15 ठिकानों पर तलाशी ली। शुरुआती जांच में पुलिसकर्मी के पास कई मकान, जमीन और प्लॉट होने की जानकारी सामने आई है। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन संपत्तियों को खरीदने के लिए पैसा कहां से आया।
नौकरी से अब तक 75 लाख सैलरी ली
इस मामले में जांच अभी जारी है। लोकायुक्त की आगे की जांच से यह स्पष्ट होगा कि संपत्ति का कितना हिस्सा वैध आय से खरीदा गया और क्या किसी तरह की अनियमितता हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फिरोज खान को नौकरी के दौरान वेतन के रूप में करीब 75 लाख रुपये मिले हैं। इसके मुकाबले उनके पास कई संपत्तियां होने की जानकारी सामने आई है। लोकायुक्त की टीम अब उनकी आय, खर्च और संपत्ति के बीच अंतर का पता लगा रही है।
जांच के दौरान देवास में अलग-अलग जगहों पर जमीन और प्लॉट होने की जानकारी मिली है। इसके अलावा 21.75 बीघा जमीन से जुड़े एक सौदे की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का ध्यान इस बात पर है कि जमीन खरीदने के लिए कितनी रकम खर्च की गई और उसका भुगतान किस तरह हुआ।
पत्नी-मां के साथ महिला मित्र के नाम पर भी प्रॉपर्टी
जांच में फिरोज खान के परिवार से जुड़े कारोबारी मामलों की जानकारी भी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक फिरोज की मां और पत्नी के नाम पर ट्रेडिंग फर्म होने की बात कही गई है। इसके साथ ही एक महिला मित्र के नाम पर संपत्ति होने की जानकारी भी सामने आई है।
लोकायुक्त इन संपत्तियों के दस्तावेजों और आर्थिक लेन-देन की जांच कर रही है। जांच का अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि संपत्तियां किसकी कमाई से खरीदी गईं और उनके वास्तविक मालिक कौन हैं। केवल किसी व्यक्ति के नाम पर संपत्ति होने से यह साबित नहीं होता कि वह अवैध तरीके से खरीदी गई है। इसके लिए दस्तावेजों और आय के रिकॉर्ड की जांच जरूरी है।
जमीन विवाद की शिकायतों की भी होगी जांच
मामले में जमीन से जुड़े विवादों की शिकायतों को भी जांच में शामिल किए जाने की जानकारी है। लोकायुक्त की आठ अधिकारियों वाली टीम अलग-अलग ठिकानों से मिले रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है। तलाशी में सामने आए दस्तावेजों के आधार पर संपत्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
फिलहाल, इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि एक पुलिसकर्मी की ज्ञात आय और उसके पास मौजूद संपत्तियों के बीच कितना अंतर है। इसका जवाब विस्तृत जांच और संपत्तियों के मूल्यांकन के बाद ही सामने आएगा।


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